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मुकदमा दर्ज करने से पहले सबूत जुटा रही पुलिस
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निषाद पार्टी प्रकरण: मुकदमा दर्ज करने से पहले सबूत जुटा रही पुलिस
गोरखपुर। निषाद पार्टी के यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के छोटे पुत्र श्रवण निषाद के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला नेत्री की तहरीर पर केस दर्ज करने से पहले पुलिस सबूत जुटा रही है। पुलिस महिला नेत्री के मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच के बाद ही पुलिस इस प्रकरण में कार्रवाई के मूड में है, क्योंकि मामला छह महीने पुराना है।
मंगलवार को तहरीर देने के बाद पुलिस ने महिला नेत्री के बयान को आधार बनाया था। इसी बीच शुक्रवार को महिला नेत्री ने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया। करीब एक घंटे तक महिला थानेदार अर्चना सिंह ने पूछताछ कर बयान दर्ज किया। महिला नेत्री ने आरोपों को दोहराया और कहा कि केंद्रीय कार्यालय में मेरे साथ 12 अप्रैल को घटना हुई थी। मुझे इंसाफ चाहिए। उधर, संजय निषाद ने भी अपना पक्ष भेज दिया है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है। मामला काफी पुराना होने की वजह से पुलिस मुकदमा दर्ज करने से पहले सबूतों जुटा रही है। महिला का अचानक सामने आना है ही पुलिस के मन में संदेह पैदा कर रहा है।
आरोप बेबुनियाद, संजय के साथ थी महिला
गैंगरेप से आरोपों से घिरे लोगों का आरोप है कि बाराबंकी में फर्जी तरीके से केस दर्ज कराया गया है। जिस दिन घटना होने का जिक्र किया गया है उस दिन महिला संजय के साथ ही मौजूद थी। उसके सारे आरोप बेबुनियाद है। महिला नेत्री द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद ही साजिशन केस दर्ज कराया गया है अभी तक महिला नेत्री की तहरीर पर गोरखपुर पुलिस कुछ नहीं कर सकी है।
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महिला के साथ घटना बहुत पुरानी है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कौस्तुभ, प्रभारी एसएसपी
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गोरखपुर। निषाद पार्टी के यूपी प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के छोटे पुत्र श्रवण निषाद के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला नेत्री की तहरीर पर केस दर्ज करने से पहले पुलिस सबूत जुटा रही है। पुलिस महिला नेत्री के मोबाइल लोकेशन और अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच के बाद ही पुलिस इस प्रकरण में कार्रवाई के मूड में है, क्योंकि मामला छह महीने पुराना है।
मंगलवार को तहरीर देने के बाद पुलिस ने महिला नेत्री के बयान को आधार बनाया था। इसी बीच शुक्रवार को महिला नेत्री ने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया। करीब एक घंटे तक महिला थानेदार अर्चना सिंह ने पूछताछ कर बयान दर्ज किया। महिला नेत्री ने आरोपों को दोहराया और कहा कि केंद्रीय कार्यालय में मेरे साथ 12 अप्रैल को घटना हुई थी। मुझे इंसाफ चाहिए। उधर, संजय निषाद ने भी अपना पक्ष भेज दिया है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में पुलिस फूंक फूंक कर कदम रख रही है। मामला काफी पुराना होने की वजह से पुलिस मुकदमा दर्ज करने से पहले सबूतों जुटा रही है। महिला का अचानक सामने आना है ही पुलिस के मन में संदेह पैदा कर रहा है।
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आरोप बेबुनियाद, संजय के साथ थी महिला
गैंगरेप से आरोपों से घिरे लोगों का आरोप है कि बाराबंकी में फर्जी तरीके से केस दर्ज कराया गया है। जिस दिन घटना होने का जिक्र किया गया है उस दिन महिला संजय के साथ ही मौजूद थी। उसके सारे आरोप बेबुनियाद है। महिला नेत्री द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद ही साजिशन केस दर्ज कराया गया है अभी तक महिला नेत्री की तहरीर पर गोरखपुर पुलिस कुछ नहीं कर सकी है।
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महिला के साथ घटना बहुत पुरानी है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कौस्तुभ, प्रभारी एसएसपी