{"_id":"5d436c6a8ebc3e6cc17cb78c","slug":"nepal-government-increases-import-duty-over-religious-book","type":"story","status":"publish","title_hn":"धार्मिक पुस्तकों पर नेपाल ने दस फीसदी का लगाया आयात शुल्क, सीएम ने लिया संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धार्मिक पुस्तकों पर नेपाल ने दस फीसदी का लगाया आयात शुल्क, सीएम ने लिया संज्ञान
Fri, 02 Aug 2019 04:20 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Abhishek Singh
Updated Fri, 02 Aug 2019 04:20 AM IST
विज्ञापन
धार्मिक पुस्तक
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल सरकार ने धार्मिक पुस्तकों पर भी दस फीसदी आयात शुल्क लगा दिया है। गीताप्रेस के ट्रस्टियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने इस मुद्दे के अलावा डाक विभाग की लापरवाही के संबंध में भी शिकायत कर इसे दुरुस्त करने की मांग की।
विज्ञापन
गुरुवार को गीताप्रेस के ट्रस्टी देवीदयाल अग्रवाल और लालमणि तिवारी ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। गीताप्रेस में पहली बार प्रकाशित शिवमहापुराण सटीक के दोनों खंड भेंट किए। साथ ही नेपाल सरकार द्वारा धार्मिक पुस्तकों पर दस फीसदी आयात शुल्क लगाने के संबंध में चर्चा की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में नेपाल के राजदूत से चर्चा हुई है। वहीं संचार मंत्री के संज्ञान में मामले को रखा गया है। बताया गया है कि उनके स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई की जानकारी मंत्रालय की ओर से भेजी जाएगी।
विज्ञापन
वहीं ट्रस्टियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि डाक विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से कल्याण का साधारण अंक पाठकों तक नहीं पहुंच रहा है। गोविंद गोशाला में भी जलभराव की वजह से काफी दिक्कत हो रही है। मुख्यमंत्री से इन्हें दूर करने की मांग की।