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एसी, न बेसिन कैसे शिफ्ट हो मॉड्यूलर ओटी
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:06 AM IST
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जिला अस्पताल
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जिला महिला अस्पताल की ओटी पर सवाल खड़े करते हुए मिशन निदेशक ने मॉड्यूलर ओटी के इस्तेमाल का आदेश दिया है। आदेश के बाद जागे अस्पताल प्रशासन ने जब कवायद शुरू की तो खामियां ही खामियां सामने आने लगी हैं। ओटी हैंडओवर तो हो गई है मगर उसमें न तो बेसिन है और न ही हौज। यही नहीं एसी लगाने को बजट ही नहीं है। ऐसे में चाह कर भी इस ओटी का इस्तेमाल कर पाना संभव नहीं है। इसे लेकर एसआईसी ने सीएमओ को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए कमियों को गिनाते हुए बजट देकर काम कराने का अनुरोध किया है।
पहले पुरानी ओटी को नए मानकों पर बनाने का निर्णय लिया गया था। करीब चार साल पहले नई ओटी बनकर तैयार भी हो गई मगर उसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका। एक के बाद एक निरीक्षण के दौरान मंत्री हो या अफसर सबने नए ओटी को शुरू करने का आदेश दिया और चले गए मगर अस्पताल प्रशासन ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। करीब दो साल पहले 24 घंटे में पांच मासूमों की मौत में इंफेक्शन का मामला सामने आया था और इसे लेकर कवायद भी शुरू की गई। मगर समय के साथ ही मामला दबा तो नए ओटी के शिफ्टिंग की कवायद भी रोक दी गई। अब कुछ दिनों पहले निरीक्षण करने आए मिशन निदेशक ने पुरानी ओटी को जानलेवा बताया और नए ओटी को शुरू करने का आदेश दे दिया। इसके बाद एसआईसी डॉ. एके गुप्ता ने कवायद शुरू की तो कमियां सामने आने लगी।
- गंदे कपड़े रखने एवं धोने के लिए ओटी के बाहर हौज नहीं
- भवन में तीन ओटी बनाए गए हैं जिसमें छह एसी लगना शेष है
- ओटी को फिक्स ग्लास द्वारा अभी तक कवर नहीं किया गया है
- ओटी के दरवाजों पर एआर कर्टेल नहीं है
मॉड्यूलर ओटी में अभी कई कमियां हैं। सीएमओ को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द काम हो जाए ताकि ओटी को शिफ्ट किया जा सके।
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- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी, महिला अस्पताल
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पहले पुरानी ओटी को नए मानकों पर बनाने का निर्णय लिया गया था। करीब चार साल पहले नई ओटी बनकर तैयार भी हो गई मगर उसका इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका। एक के बाद एक निरीक्षण के दौरान मंत्री हो या अफसर सबने नए ओटी को शुरू करने का आदेश दिया और चले गए मगर अस्पताल प्रशासन ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। करीब दो साल पहले 24 घंटे में पांच मासूमों की मौत में इंफेक्शन का मामला सामने आया था और इसे लेकर कवायद भी शुरू की गई। मगर समय के साथ ही मामला दबा तो नए ओटी के शिफ्टिंग की कवायद भी रोक दी गई। अब कुछ दिनों पहले निरीक्षण करने आए मिशन निदेशक ने पुरानी ओटी को जानलेवा बताया और नए ओटी को शुरू करने का आदेश दे दिया। इसके बाद एसआईसी डॉ. एके गुप्ता ने कवायद शुरू की तो कमियां सामने आने लगी।
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यह काम है अधूरा
- हाथ धोने के लिए वॉश बेसिन मानक के अनुसार नहीं- गंदे कपड़े रखने एवं धोने के लिए ओटी के बाहर हौज नहीं
- भवन में तीन ओटी बनाए गए हैं जिसमें छह एसी लगना शेष है
- ओटी को फिक्स ग्लास द्वारा अभी तक कवर नहीं किया गया है
- ओटी के दरवाजों पर एआर कर्टेल नहीं है
मॉड्यूलर ओटी में अभी कई कमियां हैं। सीएमओ को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए। कोशिश यही है कि जल्द से जल्द काम हो जाए ताकि ओटी को शिफ्ट किया जा सके।
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- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी, महिला अस्पताल