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नवजात के साथ चुपचाप CHC छोड़ गई राजमती, चौराहे पर दिया था बच्ची को जन्म
Tue, 24 Dec 2019 02:32 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, पीपीगंज/भरोहिया।
डिजिटल न्यूज डेस्क, पीपीगंज/भरोहिया।
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 24 Dec 2019 02:32 PM IST
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जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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भगवानपुर चौराहे पर बच्चे को जन्म देने वाली राजमती सोमवार को कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बच्चा लेकर चली गई। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने भी चिकित्सा कानून का उल्लंघन करते हुए स्वास्थ्य केंद्र छोड़े जाने की रिपोर्ट लगा अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली।
महराजगंज जिले के कोल्हुई शिकारगढ़ गांव निवासी मनमोहन की पत्नी राजमती को परिजन प्रसव पीड़ा होने पर बहदूरी पीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि पीएचसी पर मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. रीशू गुप्ता ने प्रसव कराने के बजाय राजमती को महिला अस्पताल गोरखपुर ले जाने का फरमान सुनाया था।
अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही राजमती को एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं उपलब्ध कराई। रोडवेज बस से सवार होकर जिला मुख्यालय आ रही राजमती की पीड़ा अधिक बढ़ी तो रोडवेज बस चालक उसे भगवानपुर चौराहे पर उतार कर चला गया था। स्थानीय लोगों के पॉलिथीन और कपड़ों की चादर तान कर चौराहे पर ही राजमती को प्रसव कराने में मदद की थी। इस दौरान बहुत से लोगों ने 102-108 एंबुलेंस को कॉल की थी। जब एंबुलेंस पहुंची तब तक राजमती शिशु को जन्म दे चुकी थी।
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एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को कैंपियरगंज सीएचसी पहुंचाया गया था। कैंपियरगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमार ने बताया कि राजमती अपने बच्चे के साथ बिना किसी को सूचना दिए अस्पताल से चली गई। उनके अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ थे और किसी तरह की समस्या नहीं थी।
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महराजगंज जिले के कोल्हुई शिकारगढ़ गांव निवासी मनमोहन की पत्नी राजमती को परिजन प्रसव पीड़ा होने पर बहदूरी पीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि पीएचसी पर मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. रीशू गुप्ता ने प्रसव कराने के बजाय राजमती को महिला अस्पताल गोरखपुर ले जाने का फरमान सुनाया था।
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अस्पताल प्रबंधन ने प्रसव पीड़ा से तड़प रही राजमती को एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं उपलब्ध कराई। रोडवेज बस से सवार होकर जिला मुख्यालय आ रही राजमती की पीड़ा अधिक बढ़ी तो रोडवेज बस चालक उसे भगवानपुर चौराहे पर उतार कर चला गया था। स्थानीय लोगों के पॉलिथीन और कपड़ों की चादर तान कर चौराहे पर ही राजमती को प्रसव कराने में मदद की थी। इस दौरान बहुत से लोगों ने 102-108 एंबुलेंस को कॉल की थी। जब एंबुलेंस पहुंची तब तक राजमती शिशु को जन्म दे चुकी थी।
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एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को कैंपियरगंज सीएचसी पहुंचाया गया था। कैंपियरगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमार ने बताया कि राजमती अपने बच्चे के साथ बिना किसी को सूचना दिए अस्पताल से चली गई। उनके अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों ही स्वस्थ थे और किसी तरह की समस्या नहीं थी।