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दुलदुल के जुलूस में जंजीर और कमा का मातम

Tue, 11 Oct 2016 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Tue, 11 Oct 2016 01:25 AM IST
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moharram for gorakhpur
मोहरर्म के अवसर पर शहर के कई इलाकों से जुलूस गुजरा। - फोटो : rajesh
मोहर्रम की आठवीं तारीख पर सोमवार की रात शहर का दुलदुल का जुलूस रवायती तरीके से निकाला गया, जिसे देखने के लिए सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। जुलूस के दौरान मातमदारों ने नौहाख्वानी, सीनाजनी तथा जंजीरी व कमा का मातम किया।
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दुलदुल का तारीखी कदीमी मातमी जुलूस मेहंदी के साथ देर रात आगा मुख्तार हुसैन की जानिब से उनके बसंतपुर स्थित आवास से निकला। हैदर बाजार नकी रोड, घंटाघर, रेती चौक होता हुआ देर रात यह जुलूस गीता प्रेस रोड स्थित इमामबाड़ा आगा साहेबान पहुंचकर संपन्न हुआ। मातमी जुलूस में हजरत इमाम हुसैन, उनकी फौज के सिपहसालार और अलमदार हजरत अब्बास, उनकी सवारी जुलजनाह दुलदुलद्ध के साथ अंजुमन हुसैनिया के सदस्यों ने नौहाख्वानी व सीनाजनी की। बहुत से बच्चों व नौजवानों ने अपने सिर पर कमा, छोटी तलवार से और जंजीरों से मातम किया।
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बदलते मौसम के साथ सर्द होती रात में मातम करने वालों के खुले बदन से बहते खून का मंजर देख उपस्थित लोग आश्चर्यचकित रहे। 
जुलूस के दौरान नौहाख्वानी के फरायज मिर्जा अली अब्बास, आरिफ हुसैन, अफरोज, आलम, तकी, सैफ, तालिब, साबिर हुसैन, मुंतजिर हुसैन आदि ने अंजाम दिया। कमा व जंजीरी मातम करने वालों में मुख्य रूप से मुंतजिर हुसैन, ताहाए तालिब, सनी, विक्की आदि शामिल थे। अंजुमन हुसैनिया के अध्यक्ष सैय्यद सिब्ते हसन रिजवी ने बताया कि जुलूस में एजाज हुसैन रिजवी, अलमदार हुसैन, अशफाक हैदर, वसी रजा, फरीद रिजवी, एलिया जाफरी, मुसब्बिर हुसैन, बब्लूए रफत हुसैन, अरशद, इमरान, शमशीर आदि की सहभागिता रही।
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लठिया सालार जुलूस में दिखा जज्बा व जुनून

 जैसे जैसे इमाम हुसैन की शहादत की तारीख करीब आ रही है वैसे-वैसे अकीदतमंदों के हौसले तो बढ़ ही रहे हैं साथ ही उनके दिलो-दिमाग में अपने इमाम की शहादत का गम भी घर करता जा रहा है। यही कारण है कि आठवीं मोहर्रम पर सोमवार को निकलने वाले जुलूसों में शामिल लोगों के हौसले कहीं से भी कम नहीं हुए और उनमें जबरदस्त जज्बा व जुनून नजर आया।

सोमवार को आठवीं मोहर्रम पर शहर के मशहूर लठिया सालार व मेंहदी के जुलूस निकाले गए जिन्हें देखने के लिए देर रात तक सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। देर रात तुर्कमानपुर से लठिया सालार व पहाड़पुर से मेंहदी का जुलूस निकला जो पांडेयहाता, घंटाघर, रेती चौक, नखास चौक, खूनीपुर, लालडिग्गी, हाल्सीगंज, नकी रोड होता हुआ भोर में अपने इमामचौक पहुंचकर संपन्न हुआ। इसी प्रकार बिंद टोला से मेंहदी का जुलूस निकला जो बड़े काजीपुर जाफरा बाजार चौक, बेनीगंज, ईदगाह रोड, चरन लाल चौक, अलीनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, खूनीपुर, मिर्जापुर, घासी कटरा, कर्बला रोड जाफरा बाजार सब्जी मंडी होता हुआ अपने इमाम चौक पर पहुंचकर संपन्न हुआ। देर रात नखास चौक पर तुर्कमानपुर के लठिया सालार व बिंद टोला के मेंहदी के जुलूस की रसन चौकी का मिलन हुआ। इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी द्वारा जिलाध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद के नेतृत्व में जुलूसों का यहीं पर स्वागत किया गया। 

मेले का उठाया लुत्फ

गोरखपुर। मशहूर सूफी संत हजरत रौशन अली शाह की इबादतगाह यानी इमामबाड़ा में मोहर्रम के अवसर पर लगने वाला मेला आठवीं मोहर्रम के साथ ही अपने अपने शबाब पर पहुंच चुका है। सोमवार को इस मेले में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी रही। लोगों ने यहां रखे सोने-चांदी के ताजियों का दीदार करने के साथ ही मेले का भी आनंद उठाया।

जारी रही मियां साहब की गश्त

गोरखपुर। मोहर्रम की आठवीं तारीख पर सोमवार को इमामबाड़ा स्टेट के मोतवल्ली व सज्जादानशीन अदनान फर्रख अली शाह मियां साहब की इमामबाड़ा परिसर में परंपरागत गश्त जारी रही। शाम ठीक सात बजे घंटे की आवाज गूंजी और फकीरी लिबास में गश्त का प्रारंभ करते हुए मियां साहब सबसे पहले मर्सियाखाने में पहुंचे। यहां फातेहा पढ़ने के बाद वे ढोल-ताशों व झांझ की मातमी धुनों के बीच पश्चिमी फाटक से बाहर निकले और गश्त करते हुए उत्तर फाटक से फिर भीतर दाखिल हुए। यहां उन्होंने मर्सियाखाने में एक बार फिर फातेहा पढ़ा। उसके बाद फेक व मजलिस का आयोजन हुआ। 

मियां साहब का नवीं का जुलूस आज

गोरखपुर। इमामबाड़ा स्टेट से नवीं मोहर्रम का परंपरागत जुलूस मंगलवार को रात 11 बजे इमामबाड़ा स्टेट के सज्जादानशीन अदनान फर्रख अली शाह मियां साहब के नेतृत्व में निकलेगा। प्रशासनिक अधिकारी जुल्फेकार अहमद ने बताया कि पश्चिम फाटक से निकलकर यह जुलूस कमाल शहीद की मजार, स्टेट बैंक खूनीपुर से होता हुआ चौरहिया गोला पहुंचकर इस्माइलपुर की तरफ  मुड़ जाएगा और नखास चौराहा होते हुए इमामबाड़ा के दक्षिण फाटक से अंदर दाखिल होगा।
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