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कूड़े के ढेर में फेंक दी गईं दवाएं

Sat, 09 Apr 2016 08:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 09 Apr 2016 08:34 PM IST
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medicine thrown in dustbin in medical college
मेडिकल कालेज में कूड़े के ढेर में फेंका गया ओआरएस घोल पैकेट। - फोटो : shivharsh
एक्सपायरी दवाओं को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। पुरानी पर्ची काउंटर के पास लगी लिफ्ट के पीछे करीब पांच हजार ओआरएस घोल के पैकेट फेंक दिए गए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इन दवाओं का इस्तेमाल समय रहते क्यों नहीं किया गया और यदि ये एक्सपायरी हो चुकी थीं तो इसे नियमानुसार नष्ट क्यों नहीं किया गया। फिलहाल मामला उजागर होने के बाद मेडिकल प्रशासन जांच कर कार्रवाई की बात कर रहा है।
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कुछ महीने पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस ने एक्सपायरी दवाओं के साथ एक गाड़ी पकड़ी थी। तब भी यह सामने आया था कि दवाएं मेडिकल कॉलेज की थीं। एक बार फिर दवाओं के नष्ट करने को लेकर लापरवाही हुई है। हजारों की संख्या में ओआरएस के पैकेट प्लास्टिक के बोरे में भरकर फेंक दिए गए। वैसे तो यह दवाएं आईं थीं दस्त, उल्टी के मरीजों को राहत देने के लिए मगर अब कूड़ेदान में पहुंच चुकीं हैं। 
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कहीं बड़ा घपला तो नहीं

गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में इतनी बढ़ी संख्या में ओआरएस घोल पैकेट मिलने के बाद तरह तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। चूंकि यदि दवाएं आई तो मरीजों को क्यों नहीं दी गई और यदि ज्यादा आने की वजह से एक्सपायर हो गईं तो फिर इसे छिपाया क्यों गया? इन सवालों का जवाब अभी मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी नहीं दे पा रहा है। 
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ओआरएस घोल के पैकेट वहां क्यों फेंके गए हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. एमक्यू बेग, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज 
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