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यूपी: दो लाख दहेज नहीं देने पर रेलकर्मी की बेटी को दिया तीन तलाक
Tue, 01 Oct 2019 01:32 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 01 Oct 2019 01:32 AM IST
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पति ने दिया तीन तलाक (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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दहेज में दो लाख रुपये नहीं देने पर शादी के सिर्फ दो साल बाद पति ने रेलकर्मी की बेटी को तीन तलाक दे दिया। पहले भी दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया था। महिला ने चार दिन पहले सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। तलाक की तारीख 28 जुलाई थी, जो कानून लागू होने के तीन दिन पहले की थी। इसी वजह से सीओ ने इस मामले में विधिक सलाह मांगी थी।
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विधिक सलाह के आधार पर शाहपुर थाने में मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अध्यादेश 2018, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जिले का तीन तलाक में दर्ज किया गया यह पहला मामला है।
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रेलकर्मी की बेटी तरन्नुम बानो को 28 जुलाई को मायके में आकर पति ने तीन बार तलाक बोल दिया। पिता कल्लू रेलकर्मी और बिछिया रेलवे कॉलोनी में रहते हैं।
थाने में दर्ज केस के मुताबिक तरन्नुम की शादी तिवारीपुर के इलाहीबाग निवासी मोहम्मद उमर से 16 सितंबर 2017 को की थी। शादी में पांच लाख रुपये की कीमत के गहने बेटी को दिया था। सास-ससुर ने गहनों को अपने पास रख लिया। कुछ महीने बाद ही ससुराल के लोगों के व्यवहार में बदलाव आया और वे दो लाख रुपये दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। दो मई 2018 को घर से मारपीट कर भगा दिए।
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कहा कि जब तक दहेज में दो लाख रुपये नहीं मिलेगा तब तक नहीं रखेंगे। 28 जुलाई 2019 को पति उसके घर आए और मायके वालों के सामने ही उन्होंने तीन तलाक दे दिया। जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने मुख्यमंत्री के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच सीओ प्रवीण सिंह ने शुरू की और फिर महिला को बुलाकर बयान भी दर्ज कराया।
मामला कानून बनने के तीन दिन पहले का होने की वजह से केस दर्ज नहीं किया गया था और विधिक सलाह मांगी गई थी। अध्यादेश 2018 के आधार पर केस दर्ज करने की सलाह आने के बाद केस दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।