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आवंटन के बाद कब्जे के लिए भटक रहे विधि छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 03 Jun 2016 09:23 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के विवेकानंद हॉस्टल में कमरा आवंटित होने के दो महीने बाद भी 11 विधि छात्रों को कब्जा न मिलने का मामला सामने आया है। कब्जे के लिए दर-दर भटक रहे छात्रों ने कुलपति प्रो. अशोक कुमार से कब्जा दिलाने की गुहार लगाई तो उन्होंने वार्डेन को इसके लिए निर्देशित कर दिया, बावजूद इसके अभी तक इन छात्रों को कमरा नहीं मिल सका है।
दरअसल इन 11 छात्रों को चार अप्रैल को हॉस्टल प्रशासन ने कमरा आवंटित कर दिया था। जब ये सभी छात्र कमरे पर कब्जा लेने पहुंचे तो वहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे। पूछने पर पता चला कि उन कमरों पर अवैध कब्जा है। आवंटन के बाद भी कमरा न मिलने से आहत छात्र हास्टल वार्डेन प्रो. जितेंद्र तिवारी के पास पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर छात्रों को वापस कर दिया कि पहले प्रॉक्टर हॉस्टल पहुंचे तब वे मामले के निस्तारण के लिए हॉस्टल आएंगे।
परेशान छात्र जब प्रॉक्टर से मिले तो उन्होंने साफ कर दिया कि पहले हॉस्टल वार्डेन पहुंचें तब वे हॉस्टल आएंगे। वार्डेन और प्रॉक्टर के बीच उलझे छात्रों ने अंत में कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल वार्डेन को आदेश किया वे प्रॉक्टर की मदद से छात्रों को हर हाल में कब्जा दिलाएं। हालांकि कुलपति के आदेश को दो दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक उस पर अमल नहीं हो सका है।
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आवंटन के बाद कमरा न मिलने का मामला गंभीर है। परेशान छात्र मेरे पास आए थे और मैंने वार्डेन को निर्देशित किया है कि वे प्रॉक्टर की मदद से तत्काल छात्रों को कब्जा दिलाएं। छात्रों को हर हाल में कमरा मिलेगा।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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दरअसल इन 11 छात्रों को चार अप्रैल को हॉस्टल प्रशासन ने कमरा आवंटित कर दिया था। जब ये सभी छात्र कमरे पर कब्जा लेने पहुंचे तो वहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे। पूछने पर पता चला कि उन कमरों पर अवैध कब्जा है। आवंटन के बाद भी कमरा न मिलने से आहत छात्र हास्टल वार्डेन प्रो. जितेंद्र तिवारी के पास पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर छात्रों को वापस कर दिया कि पहले प्रॉक्टर हॉस्टल पहुंचे तब वे मामले के निस्तारण के लिए हॉस्टल आएंगे।
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परेशान छात्र जब प्रॉक्टर से मिले तो उन्होंने साफ कर दिया कि पहले हॉस्टल वार्डेन पहुंचें तब वे हॉस्टल आएंगे। वार्डेन और प्रॉक्टर के बीच उलझे छात्रों ने अंत में कुलपति से मुलाकात की। उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल वार्डेन को आदेश किया वे प्रॉक्टर की मदद से छात्रों को हर हाल में कब्जा दिलाएं। हालांकि कुलपति के आदेश को दो दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक उस पर अमल नहीं हो सका है।
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आवंटन के बाद कमरा न मिलने का मामला गंभीर है। परेशान छात्र मेरे पास आए थे और मैंने वार्डेन को निर्देशित किया है कि वे प्रॉक्टर की मदद से तत्काल छात्रों को कब्जा दिलाएं। छात्रों को हर हाल में कमरा मिलेगा।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी