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ट्रेन के सफर में बीमार हुईं शिक्षक, इलाज न मिलने से रास्ते में ही मौत
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2016 09:27 PM IST
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सप्तक्रांति एक्सप्रेस से गोरखपुर आ रही महिला शिक्षक की तबीयत बिगड़ने से रास्ते में ही मौत हो गई। दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से शनिवार की शाम आठ वर्षीय बेटे को लेकर वह ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए महराजगंज जा रही थीं। रविवार सुबह ट्रेन गोरखपुर स्टेशन पहुंची तो यात्रियों की मदद से अचेत महिला शिक्षक को नीचे उतारा गया। मौके पर पहुंचे रेलवे के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मथुरा, गोवर्धन के चकलेश्वर हरदेव उपलवास के रहने वाले सत्यनारायण दास की पत्नी लक्ष्मीप्रिया (35) महराजगंज, सदर के भिसवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थीं। पहली जनवरी 2016 को उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की थी। छुट्टी लेकर वह सामान लेने घर गई थीं। शनिवार की दोपहर में आनंद विहार स्टेशन से सप्तक्रांति एक्सप्रेस से आठ साल के बेटे नवैद्य प्रियांश के साथ गोरखपुर आने के लिए चलीं। लेकिन लखनऊ पहुंचने से पहले ट्रेन में उनकी तबीयत बिगड़ गई।
लोगों ने मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को दी। लेकिन लखनऊ में कोई डॉक्टर अटेंड करने नहीं पहुंचा। लखनऊ से आगे बढ़ने पर उनकी हालत और खराब हो गई और वह अचेत हो गईं। रविवार सुबह पांच बजे ट्रेन जब गोरखपुर पहुंची, तो कंट्रोल रूम की सूचना पर डॉक्टर को लेकर पहुंचे यात्रीमित्र ने अचेत पड़ी महिला शिक्षक को नीचे उतारा। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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स्टेशन पर उन्हें रिसीव करने पहुंचे शिक्षक दीपक कुमार ने मामले की जानकारी उनके पति सत्यनारायण को दी। देर शाम वह गोरखपुर पहुंचे। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर डॉक्टर ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने ठंड लगने से शिक्षक की मौत होने का अंदेशा जताया है।
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मथुरा, गोवर्धन के चकलेश्वर हरदेव उपलवास के रहने वाले सत्यनारायण दास की पत्नी लक्ष्मीप्रिया (35) महराजगंज, सदर के भिसवा प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थीं। पहली जनवरी 2016 को उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की थी। छुट्टी लेकर वह सामान लेने घर गई थीं। शनिवार की दोपहर में आनंद विहार स्टेशन से सप्तक्रांति एक्सप्रेस से आठ साल के बेटे नवैद्य प्रियांश के साथ गोरखपुर आने के लिए चलीं। लेकिन लखनऊ पहुंचने से पहले ट्रेन में उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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लोगों ने मामले की जानकारी कंट्रोल रूम को दी। लेकिन लखनऊ में कोई डॉक्टर अटेंड करने नहीं पहुंचा। लखनऊ से आगे बढ़ने पर उनकी हालत और खराब हो गई और वह अचेत हो गईं। रविवार सुबह पांच बजे ट्रेन जब गोरखपुर पहुंची, तो कंट्रोल रूम की सूचना पर डॉक्टर को लेकर पहुंचे यात्रीमित्र ने अचेत पड़ी महिला शिक्षक को नीचे उतारा। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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स्टेशन पर उन्हें रिसीव करने पहुंचे शिक्षक दीपक कुमार ने मामले की जानकारी उनके पति सत्यनारायण को दी। देर शाम वह गोरखपुर पहुंचे। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर डॉक्टर ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है। उन्होंने ठंड लगने से शिक्षक की मौत होने का अंदेशा जताया है।