फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   kampiarganj rape charged dismissed

न वेश्यालय में बेची गई युवती, ना ही सामूहिक दुष्कर्म हुआ, तीन बेगुनाहों ने काटी जेल

Wed, 11 Dec 2019 11:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 11 Dec 2019 11:27 AM IST
विज्ञापन
kampiarganj rape charged dismissed
पुलिस की जांच में रेप का आरोप फर्जी साबित - फोटो : Social Media
गोरखपुर के कैंपियरगंज इलाके से युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म और फिर नेपाल के वेश्यालय में बेचने का आरोप पुलिस की जांच में फर्जी साबित हो गया है। इस मामले में युवती ने मौसेरे भाई समेत चार युवकों पर केस दर्ज कराया था। युवती के फर्जी आरोपों की वजह से तीन बेगुनाहों ने एक महीना एक दिन जेल में उस गुनाह की सजा काटी, जो उन्होंने किया ही नहीं था।
विज्ञापन


इस पूरे घटनाक्रम की वजह से तीन आरोपियों के माथे पर बदनामी का कलंक भी लगा, उनके परिवार को सामाजिक यातना भी सहनी पड़ी। पुलिस ने जांच कर फाइनल रिपोर्ट 26 नवंबर को दाखिल किया जिसके बाद तीन दिसंबर को तीन आरोपी जेल से छूटे हैं। हालांकि अमर उजाला ने केस दर्ज होने वाले दिन ही तीन वीडियो के हवाले से घटना के फर्जी होने का संकेत दे दिया था।
विज्ञापन


इस संबंध में एसओ व विवेचक निर्भय नारायण सिंह का कहना है कि जांच में घटना पूरी तरह से फर्जी साबित हुई है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिसके जरिए यह साबित हो गया कि घटना पूरी तरह से मनगढंत थी। फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर आरोपियों को बरी कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की जांच में यह सच्चाई आई सामने

13 अगस्त : अपने बुआ की लड़की के घर फरेंदा में थी युवती
15 अगस्त : फरेंदा में अपने भाभी के घर आठ से दस दिन रही
16 अगस्त : फरेंदा से अपने नाम पर एक सिम खरीदा
25 अगस्त : रात में अपने फूफा के घर पर रही
 

यह दर्ज कराया था केस

युवती ने दर्ज कराए गए केस में बताया था कि 13 अगस्त को उसका अपहरण हो गया। फिर सामूहिक दुष्कर्म कर नेपाल के वेश्यालय में बेच दिया गया। 5 अक्तूबर को वेश्यालय के संचालकों के चंगुल से छूटी और फिर किसी तरह घर पहुंची। पुलिस ने इंगलेश, धीरज यादव, अनिल और युवती के मौसेरे भाई के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, मानव तस्करी, अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में धीरज, अनिल और इंगलेश को दो नवंबर को अफसरों के दबाव में जेल भेज दिया था।

बदनामी झेली, सजा काटी और रुपये भी गंवाए
फर्जी मामले में रिपोर्ट दर्ज होने की वजह से तीन युवकों ने बदनामी झेली, एक महीने की जेल की सजा भी काटी। इतना ही नहीं, जमानत के लिए दौड़ भाग में हजारों रुपये भी खर्च हो गए। हालांकि पुलिस की निष्पक्ष जांच की वजह से मामले में निर्दोष साबित हो गए, लेकिन गांव में अभी भी लोग उसी नजरों से देखते हैं। पीड़ित परिवार के लोगों ने कहा कि इस मामले में आरोपी लड़की को सजा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed