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ओटी में ही भिड़ गए जूनियर डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 02 Feb 2017 01:24 AM IST
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मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
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मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार को ऑपरेशन थिएटर में ही दो जूनियर डाक्टरों के बीच विवाद हो गया। मरीज की चिंता छोड़ दोनों मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं डॉक्टरों ने तोड़फोड़ भी की। अचानक ऑपरेशन थिएटर में बवाल की खबर पाते ही पहुंचे कर्मचारी और अफसरों ने दोनों को शांत कराया।
बुधवार सुबह कैंपियरगंज की गर्भवती बबिता पांडेय (26) का आपरेशन चल रहा था। इसी दौरान जूनियर डॉक्टर ने अपने सीनियर से औजार मांग लिया। इसी बात पर दोनों खुद को सीनियर बताते हुए उलझ गए। बताया जाता है कि दोनों ने एक-दूसरे को अपशब्द कहे और मारपीट करने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि सीनियर डॉक्टर के समझाने पर भी दोनों नहीं मानें और तोड़फोड़ करने लगे। मारपीट करने के दौरान डॉक्टरों के हाथ में जो आया, एक-दूसरे पर फेंकने लगे। इस दौरान ओटी में लगा दरवाजा तक टूट गया। कर्मचारी भी यह नजारा देख हैरत में पड़ गए। कर्मचारियों ने ही दोनों में बीच-बचाव किया।
प्राचार्य राजीव मिश्र ने बताया कि विभागाध्यक्ष, गायनी विभाग की डॉ. रीना श्रीवास्तव और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश को मामले की जांच सौंपी गई है। जिसकी गलती होगी, उसकी सैलरी से जो तोड़फोड़ में क्षति हुई है, उसकी भरपाई की जाएगी।
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बुधवार सुबह कैंपियरगंज की गर्भवती बबिता पांडेय (26) का आपरेशन चल रहा था। इसी दौरान जूनियर डॉक्टर ने अपने सीनियर से औजार मांग लिया। इसी बात पर दोनों खुद को सीनियर बताते हुए उलझ गए। बताया जाता है कि दोनों ने एक-दूसरे को अपशब्द कहे और मारपीट करने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि सीनियर डॉक्टर के समझाने पर भी दोनों नहीं मानें और तोड़फोड़ करने लगे। मारपीट करने के दौरान डॉक्टरों के हाथ में जो आया, एक-दूसरे पर फेंकने लगे। इस दौरान ओटी में लगा दरवाजा तक टूट गया। कर्मचारी भी यह नजारा देख हैरत में पड़ गए। कर्मचारियों ने ही दोनों में बीच-बचाव किया।
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प्राचार्य राजीव मिश्र ने बताया कि विभागाध्यक्ष, गायनी विभाग की डॉ. रीना श्रीवास्तव और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश को मामले की जांच सौंपी गई है। जिसकी गलती होगी, उसकी सैलरी से जो तोड़फोड़ में क्षति हुई है, उसकी भरपाई की जाएगी।
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