{"_id":"5dd1add08ebc3e54d446f7a9","slug":"janta-darbar-gorakhpur-city-news-gkp329689889","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री बेहद खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस की कार्यप्रणाली से मुख्यमंत्री बेहद खफा
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केस-1
विज्ञापन
देवरिया के मदनपुर थाना क्षेत्र के रमईपुर गांव निवासी सुबास ने बेटी के डेढ़ साल से गायब होने की पीड़ा सुनाई। सुबास ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपकी जनता दरबार में आए थे, तब मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ था। तहरीर लेकर थाने गए तो दरोगा ने गाली दी और पीटने लगा। दबाव डालकर एक कागज पर लिखवा लिया कि लड़की भाग गई है। यह कह कर थाने से भगा दिया कि यदि फिर कहीं गए तो जेल भेज दूंगा। डेढ़ साल से अधिक का समय बीत गया पर बेटी का पता नहीं लगा। डर के नाते थाने पर नहीं जा रहे हैं। महराज जी, वास्तविकता यह है कि सगे साढ़ू और उसरहवा गौरीबाजार उमेश कुमार गौतम ने बेटी को गायब कराया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उसके साथ न्याय होगा। दोषी जो भी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
केस-2
देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सहोदर पट्टी गांव की निर्मला देवी ने जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मिलीं। निर्मला के मुताबिक बेटी को 13 मई 2019 को पड़ोस के लोगों ने केरोसिन का तेल छिड़क कर जला दिया था। इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी। निधन के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई। छह महीने बीत गए। पुलिस से शिकायत की गई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस दबाव में है। अब केस वापसी की धमकी मिल रही है। नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया तो बड़ी घटना हो सकती है। निर्मला ने सुरक्षा की मांग भी की है।
विज्ञापन
केस-3
शाहपुर थानाक्षेत्र के घोसीपुरवा निवासी रमाशंकर वर्मा भी जनता दरबार में पहुंचे। उनका कहना था कि बेटी शालिनी सोनी की शादी देवरिया के भटनी थानाक्षेत्र के रवि वर्मा के साथ की थी। कुछ समय बाद ही बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा। बेटी का मोबाइल छीनकर रख लिया। मामले की शिकायत पुलिस की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 3 और 7 अगस्त को देवरिया के एसपी से मिले। इसके बावजूद कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस तक मामला पहुंचा तो सुलह करा दी गई। अब दामाद बेटी को प्रताड़ित कर रहे हें। 3 नवंबर को देवरिया के भटनी थाने में मुकदमा दर्ज कराने गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने डांट-फटकार कर भगा दिया। एसपी और एडीजी से मिलने के बाद भी मामला जस का तस है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस के पास जाने वाले हर व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के रुख से जोन, रेंज और जिले के पुलिस अफसर सन्न दिखे। मुख्यमंत्री एक घंटे से ज्यादा समय तक जनता दरबार में सुनवाई करते रहे। कई मामले ऐसे आए, जिसमें पीड़ित परिवार दोबारा जनता दरबार में आए थे। सबसे ज्यादा मामले देवरिया के आए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया। लंबे समय बाद फरियादियों की भीड़ उमड़ी। 1000 से ज्यादा फरियादी पहुंचे और सबने अपनी-अपनी पीड़ा सुनाई। जनता दरबार से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो 90 फीसदी मामले पुलिस से संबंधित थे।
थाने पर कार्रवाई न होने, पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार करने और पुलिस पर दबाव में काम करने के गंभीर आरोप लगाए गए। इसपर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और वहां मौजूद जोन, रेंज और जिले के आला पुलिस अफसरों से कहा कि जब थानेदार जनता की बात नहीं सुन रहा तो उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? ऐसा क्यों है?
संतकबीरनगर से आया एक फरियादी अपनी पीड़ा सुनाते हुए फफक कर रोने लगा। मुख्यमंत्री ने उसे ढांढस बंधाया और शिकायती पत्र लेकर एडीजी को थमाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में आज ही कार्रवाई करिए। कई और मामले ऐसे आए, जो गोरखपुर मंडल के पुलिस कर्मियों से संबंधित थे।
ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी एडीजी/आईजी जोन को दी गई है। गोरखपुर से संबंधित मामलों में मुख्यमंत्री ने एसएसपी से सवाल किया और पूछा कि दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस यदि सुनती तो पीड़ित उनके पास तक नहीं आते।
ऐसा लग रहा निचले स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इस कारण पीड़ित मुख्यमंत्री के पास जनता दरबार में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल से संबंधित सभी शिकायती पत्र एडीजी/आईजी और जिले के मामले एसएसपी को देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फरियादियों की लंबी लाइन
हिंदू सेवाश्रम के अंदर बैठने के लिए 300 कुर्सियां लगाई गई थीं। पहले आने वाले महिला-पुरुष कुर्सियों पर आकर बैठ गए थे। बाकी लोग बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े रहे। बारी बारी से लोग आते रहे और मुख्यमंत्री मिलकर अपनी समस्याएं बताते रहे।
मुख्यमंत्री के पास पुलिस से संबंधित की जो शिकायतें आई हैं, उसमें ज्यादातर मामले देवरिया के हैं। सभी मामलों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी। अफसर दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की जाएगी। जनता को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। कहीं कोई दिक्कत हो तो अफसरों के पास आकर शिकायत करें। निचले स्तर पर जनता को न्याय मिले, इसकी व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित कराई जाएगी।
जयनारायन सिंह, एडीजी रेंज
मदनपुरा का मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी करा रहे हैं। सहोदर पट्टी का मामला आत्महत्या से संबंधित है। मुकदमा दर्ज है लेकिन जांच-पड़ताल जारी है। रवि वर्मा का मामला परिवार परामर्श केंद्र में चल रहा है। दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही है। यदि केस दर्ज कराने की बात है तो कोई दिक्कत नहीं है। जनता के लिए दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। सुबह से शाम तक जनता की सुनवाई करते हैं।
श्रीपति मिश्रा, एसपी देवरिया