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चिड़ियाघर के लिए अभी और इंतजार
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2016 07:17 PM IST
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शहर में अपने चिड़ियाघर के लिए अभी और इंतजार करना होगा। सरकार की ओर से रुपये तो समय से दे दिए गए मगर विभागीय सुस्ती के चलते काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अभी चंद महीने पहले ही निर्माण कार्य कराने के लिए पांच करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। लेकिन अभी तक चिड़ियाघर की बाउंड्रीवाल का काम पूरा नहीं हो सका है। डीएफओ भी सीधे तौर पर बोल रहे हैं कि इसे पूरा करने में इस साल का सत्र गुजर जाएगा। जबकि बीते साल दोबारा उद्घाटन करने आए तत्कालीन जंतु उद्यान मंत्री डॉ. शिव प्रताप यादव ने 2017 तक कार्यपूरा कराने का दावा किया था।
चिड़ियाघर को लेकर कई वादे किए गए मगर धरातल पर कोई काम नहीं हो पा रहा है। बीते करीब एक साल से मिट्टी भराई, बाउंड्रीवाल का ही काम चल रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही वन मंत्री ने अफसरों से वार्ता भी की थी और काम में तेजी लाने को कहा था। इसके बावजूद काम की रफ्तार जस की तस है। वर्तमान में हो रहे काम की तेजी को देखते हुए एक बात तो तय हो चुकी है कि वर्ष 2017 तक इसे पूरा कर पाना संभव नहीं है।
कार्यदायी संस्था बदली पर काम में तेजी नहीं
बसपा शासन काल में स्वीकृत चिड़ियाघर के लिए पहले पैक्सफेड संस्था को काम दिया गया था। वर्ष 2009-10 से 2011-12 तक चिड़ियाघर के निर्माण में संस्था ने मिट्टी भराई, डायरेक्टर ऑफिस का जीर्णोद्धार तथा एप्रोच मार्ग निर्माण के मद में 544.81 लाख की धनराशि खर्च की गई थी। सपा सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को इसे बनाने का जिम्मा दे दिया गया है। सरकार की ओर से इस फैसले के बाद भी काम में तेजी नहीं आ सकी है और पुरानी संस्था ने जो काम कराए उससे ज्यादा काम नहीं हो सका है।
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भुगतान भी रोका जा चुका है
पैक्सफेड की ओर से कराए गए कार्यों की सपा सरकार ने जांच का आदेश दिए थे। जांच में यह पाया गया था कि संस्था ने काम ठीक नहीं कराया है, साथ ही मिट्टी भराई का काम उतना नहीं कराया गया जितने का भुगतान दिखाया गया है। इसकी पुष्टि के बाद 93 लाख बकाया धनराशि को भुगतान के बाद रोक दिया गया था।
अक्टूबर में पांच करोड़ रुपया मिला था। बाउंड्रीवाल का काम चल रहा है अभी एक साल इस काम को पूरा होने में लगेगा।
- डॉ. जनार्दन, डीएफओ
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चिड़ियाघर को लेकर कई वादे किए गए मगर धरातल पर कोई काम नहीं हो पा रहा है। बीते करीब एक साल से मिट्टी भराई, बाउंड्रीवाल का ही काम चल रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही वन मंत्री ने अफसरों से वार्ता भी की थी और काम में तेजी लाने को कहा था। इसके बावजूद काम की रफ्तार जस की तस है। वर्तमान में हो रहे काम की तेजी को देखते हुए एक बात तो तय हो चुकी है कि वर्ष 2017 तक इसे पूरा कर पाना संभव नहीं है।
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कार्यदायी संस्था बदली पर काम में तेजी नहीं
बसपा शासन काल में स्वीकृत चिड़ियाघर के लिए पहले पैक्सफेड संस्था को काम दिया गया था। वर्ष 2009-10 से 2011-12 तक चिड़ियाघर के निर्माण में संस्था ने मिट्टी भराई, डायरेक्टर ऑफिस का जीर्णोद्धार तथा एप्रोच मार्ग निर्माण के मद में 544.81 लाख की धनराशि खर्च की गई थी। सपा सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को इसे बनाने का जिम्मा दे दिया गया है। सरकार की ओर से इस फैसले के बाद भी काम में तेजी नहीं आ सकी है और पुरानी संस्था ने जो काम कराए उससे ज्यादा काम नहीं हो सका है।
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भुगतान भी रोका जा चुका है
पैक्सफेड की ओर से कराए गए कार्यों की सपा सरकार ने जांच का आदेश दिए थे। जांच में यह पाया गया था कि संस्था ने काम ठीक नहीं कराया है, साथ ही मिट्टी भराई का काम उतना नहीं कराया गया जितने का भुगतान दिखाया गया है। इसकी पुष्टि के बाद 93 लाख बकाया धनराशि को भुगतान के बाद रोक दिया गया था।
अक्टूबर में पांच करोड़ रुपया मिला था। बाउंड्रीवाल का काम चल रहा है अभी एक साल इस काम को पूरा होने में लगेगा।
- डॉ. जनार्दन, डीएफओ