{"_id":"5de031dc8ebc3e54a438ff48","slug":"investigation-completed-report-can-come-todey-gorakhpur-city-news-gkp331136735","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन और पुलिस की जांच पूरी, आज आ सकती है रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन और पुलिस की जांच पूरी, आज आ सकती है रिपोर्ट
Fri, 29 Nov 2019 03:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 03:12 AM IST
विज्ञापन
investigation
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी शस्त्र लाइसेंस में पुलिस ने प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर खोराबार के एक सेवानिवृत्त शिक्षक, आबकारी पुलिसकर्मी समेत जिन 10 लोगों को छह अक्तूबर को जेल भेज दिया था, उन्हें प्रशासन से क्लीन चिट मिलने के बाद अब पुलिस और प्रशासन की पत्रावलियों की भी जांच पूरी हो गई है।
विज्ञापन
शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट आ सकती है। पत्रावलियां सही पाए जाने पर पुलिस मुकदमे में तत्काल एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाकर केस बंद कर देगी और गलत सूची देने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर पत्रावली में छेड़छाड़ मिली तो मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन
फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में असलहा कार्यालय के तरफ से पुलिस को सूची सौंपी गई थी। जिसके आधार पर पुलिस ने शिक्षक, आबकारी सिपाही समेत दस लोगों को आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
जमानत पर छूटने के बाद दसों लोगों ने असलहा कार्यालय से मूल पत्रावली की नकल निकलवाकर विवेचक शैलेंद्र शर्मा को सौंपी थी। विवेचक ने उन पत्रावलियों को जांच के लिए असलहा कार्यालय और अपने विभाग को भेजा था। सूत्रों की मानें तो अब वह जांच पूरी हो गई है। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट विवेचक को मिल जाएगी।
पुलिस ने इन्हें भेजा था जेल
पुलिस ने खोराबार के कुईं बाजार निवासी विनोद कुमार, जर्दा गांव के भैंसहा टोला निवासी जगदीश शुक्ला, जंगलसिकरी निवासी मोहम्मद बिन कासिम, छपरा गांव निवासी रामहित यादव, मिर्जापुर निवासी राम आशीष, जंगल रामलखना निवासी विजय प्रताप सिंह, जंगल चौरी टोला शेख निवासी महताब आलम, रायगंज बाजार निवासी राम चन्द्र, नवां अव्वल निवासी राम नयन और राम निवास यादव निवासी जंगलचंवरी का लाइसेंस फर्जी करार देकर अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल भेजा था।