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नाम की मंदी : जमीन की खरीद-फरोख्त

Sun, 15 Sep 2019 01:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 01:48 AM IST
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in no 1 position gorakhpur, purchase and sale of land
नाम की मंदी : जमीन की खरीद-फरोख्त में गोरखपुर मंडल यूपी में नंबर वन
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अरुण चन्द
गोरखपुर। बाजार के विभिन्न सेक्टरों में भले ही मंदी का असर दिख रहा हो, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में संपत्ति की खरीद-फरोख्त का बाजार बूम कर रहा है। अगस्त में रजिस्ट्री से हुई आय की समीक्षा में गोरखपुर मंडल पूरे प्रदेश में नंबर वन रहा है। यहां से 117 फीसदी कमाई हुई। यानी लक्ष्य 71.39 करोड़ का था और रजिस्ट्री शुल्क के रूप में मिले 83.50 करोड़ रुपये। इनमें भी गोरखपुर जिले से सर्वाधिक 51.95 करोड़ रुपये की आय हुई। यही नहीं, इस साल अप्रैल से अगस्त तक की हुई आय में भी गोरखपुर मंडल दूसरे पायदान पर है। पांच महीने के मंडल के लक्ष्य 401.06 करोड़ की तुलना में कमाई 390.81 करोड़ हुई है।
लिंक एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक गलियारे से तेजी बने रहने की उम्मीद
कमाई में नंबर वन रहने की गोरखपुर मंडल के रजिस्ट्री दफ्तरों की बादशाहत आगे भी बने रहने की उम्मीद है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जहां 500 हेक्टेयर जमीन किसानों से समझौते के आधार पर लेने की प्रक्रिया तेज हो गई है, वहीं इस लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा भी विकसित करने के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। औद्योगिक गलियारे के लिए गोरखपुर के 223 गांवों की करीब दस हजार एकड़ जमीन ली जानी है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि यह जमीन काश्तकारों से अधिगृहीत की जाएगी या फिर समझौते के आधार पर ली जाएगी। लेकिन, दोनों ही दशा में रजिस्ट्री विभाग को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क के तौर पर मोटी कमाई तो होनी तय ही है।
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पुराने बड़े बैनामों की भी हो रही जांच
अगस्त में गोरखपुर मंडल पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री से होने वाली आय में नंबर एक पर है। क्रमिक समीक्षा में भी यह मंडल दूसरे नंबर पर पाया गया है। रजिस्ट्री से होने वाली आय के साथ ही विभाग का फोकस स्टांप कमी के मामलों को जल्द से जल्द निपटाकर राजस्व बढ़ाना है। पुराने बड़े बैनामों की भी जांच की जा रही है। -रामानंद सिंह, उप महानिरीक्षक निबंधन
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