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शाह अस्त हुसैन, बादशाह अस्त हुसैन
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शाह अस्त हुसैन, बादशाह अस्त हुसैन
गोरखपुर। शाह अस्त हुसैन बादशाह अस्त हुसैन, दीन अस्त हुसैन दीन पनाह अस्त हुसैन। सर दाद, न दाद दर दस्त ए यजीद, हक्का के बिनाए ला इला अस्त हुसैन। मियां साहब इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादा नशीन हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने नौंवी मोहर्रम के जुलूस आरंभ होने से पहले यह शेर पढ़ कर शोहदा-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि दी। शाही जुलूस गमगीन माहौल में पूरी शानो शौकत के साथ रवायती मार्गों से होता हुआ गुजरा। इस दौरान लोगों ने छतों से मियां साहब पर फूलों की बारिश की और जुलूस में शामिल हुए।
मियां साहब इमामबाड़े से मोहर्रम का शाही जुलूस रात दस बजे के बाद शुरू हुआ। परंपरागत सफेद लिबास में हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने बेटे आतिफ अली शाह और अयान अली शाह के साथ जुलूस की अगुवाई की। मियां साहब की फौज, घोड़े, सोने चांदी के अलम और बैंड बाजों के साथ जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी दरवाजे से निकला। जुलूस दरगाह कमाल शरीफ मजार पहुंचा। यहां मियां साहब ने हाजिरी देकर फातिहा पेश की। इसके बाद जुलूस रवायती मार्ग से होता हुआ बख्शीपुर चौराहा, आर्य समाज मंदिर पहुंचा। यहां से भगवती चौराहा इमाम चौक पहुंच कर मियां साहब ने शहीदाने कर्बला की फातिहा पेश की। यहां से चौरहिया गोला, नखास चौराहा, कोतवाली, मान चौराहा होते हुए इमामबाड़ा दक्षिण फाटक से इमामबाड़ा इस्टेट में दाखिल हुआ। रास्ते में जुलूस का जगह जगह स्वागत हुआ। यहां हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने मर्सिया खानेे में हजरत इमामे हुसैन अलै. और उनके 72 जांनिसारों की नियाज पेश की और जुलूस समाप्ति की घोषणा की। जुलूस में दरगाह मुबारक खां शहीद के मुतवल्ली मंजूर आलम, इमाम चौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह, परवेज सिद्दीकी, मुतवल्लियान संघ के अध्यक्ष सैयद इरशाद, जुल्फिकार अहमद सहित अनेक इमाम चौक के मुतवल्ली हजरात मौजूद रहे।
अकीदतमंदों ने रखा रोजा
तीन दिन से भूखे प्यासे कर्बला वालों की याद में नौवीं मोहर्रम को शहर मेें सैकड़ों अकीदतमंदों ने रोजा रखा। लोगों ने दूध का शर्बत, मलीदा, खिचड़ा, शर्बत, बिरयानी आदि बनवा कर शोहदा ए कर्बला की फातिहा पेश की और लोगों में बांटा। घरों में लोगों ने कलामे पाक की तिलावत की और नफिल इबादतें कर कर्बला वालोें के लिए पेश कीं। शहर की तमाम मस्जिदों में लंगर ए हुसैन बांटा गया। मगरिब की नमाज के साथ ही रोजेदारों ने इफ्तार किया, नमाज अदा करने के बाद शहीदाने कर्बला का सलातो सलाम पेश किया गया। तुर्कमानपुर में सामूहिक रोजा इफ्तार का एहतमाम किया गया।
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गोरखपुर। शाह अस्त हुसैन बादशाह अस्त हुसैन, दीन अस्त हुसैन दीन पनाह अस्त हुसैन। सर दाद, न दाद दर दस्त ए यजीद, हक्का के बिनाए ला इला अस्त हुसैन। मियां साहब इमामबाड़ा इस्टेट के सज्जादा नशीन हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने नौंवी मोहर्रम के जुलूस आरंभ होने से पहले यह शेर पढ़ कर शोहदा-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि दी। शाही जुलूस गमगीन माहौल में पूरी शानो शौकत के साथ रवायती मार्गों से होता हुआ गुजरा। इस दौरान लोगों ने छतों से मियां साहब पर फूलों की बारिश की और जुलूस में शामिल हुए।
मियां साहब इमामबाड़े से मोहर्रम का शाही जुलूस रात दस बजे के बाद शुरू हुआ। परंपरागत सफेद लिबास में हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने बेटे आतिफ अली शाह और अयान अली शाह के साथ जुलूस की अगुवाई की। मियां साहब की फौज, घोड़े, सोने चांदी के अलम और बैंड बाजों के साथ जुलूस इमामबाड़ा इस्टेट के पश्चिमी दरवाजे से निकला। जुलूस दरगाह कमाल शरीफ मजार पहुंचा। यहां मियां साहब ने हाजिरी देकर फातिहा पेश की। इसके बाद जुलूस रवायती मार्ग से होता हुआ बख्शीपुर चौराहा, आर्य समाज मंदिर पहुंचा। यहां से भगवती चौराहा इमाम चौक पहुंच कर मियां साहब ने शहीदाने कर्बला की फातिहा पेश की। यहां से चौरहिया गोला, नखास चौराहा, कोतवाली, मान चौराहा होते हुए इमामबाड़ा दक्षिण फाटक से इमामबाड़ा इस्टेट में दाखिल हुआ। रास्ते में जुलूस का जगह जगह स्वागत हुआ। यहां हजरत अदनान फर्रुख अली शाह ने मर्सिया खानेे में हजरत इमामे हुसैन अलै. और उनके 72 जांनिसारों की नियाज पेश की और जुलूस समाप्ति की घोषणा की। जुलूस में दरगाह मुबारक खां शहीद के मुतवल्ली मंजूर आलम, इमाम चौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह, परवेज सिद्दीकी, मुतवल्लियान संघ के अध्यक्ष सैयद इरशाद, जुल्फिकार अहमद सहित अनेक इमाम चौक के मुतवल्ली हजरात मौजूद रहे।
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अकीदतमंदों ने रखा रोजा
तीन दिन से भूखे प्यासे कर्बला वालों की याद में नौवीं मोहर्रम को शहर मेें सैकड़ों अकीदतमंदों ने रोजा रखा। लोगों ने दूध का शर्बत, मलीदा, खिचड़ा, शर्बत, बिरयानी आदि बनवा कर शोहदा ए कर्बला की फातिहा पेश की और लोगों में बांटा। घरों में लोगों ने कलामे पाक की तिलावत की और नफिल इबादतें कर कर्बला वालोें के लिए पेश कीं। शहर की तमाम मस्जिदों में लंगर ए हुसैन बांटा गया। मगरिब की नमाज के साथ ही रोजेदारों ने इफ्तार किया, नमाज अदा करने के बाद शहीदाने कर्बला का सलातो सलाम पेश किया गया। तुर्कमानपुर में सामूहिक रोजा इफ्तार का एहतमाम किया गया।
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