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जाम के समाधान को भीड़ में घूमे आईजी
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:25 AM IST
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रेलवे बस स्टेशन के सामने अतिक्रमण को लेकर निरीक्षण कर बस स्टेशन अधीक्षक से बातचीत करते आईजी मोहित अग्रवाल।
- फोटो : Rajesh Kumar
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जाम की समस्या के समाधान के लिए आईजी मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को शहर के भीड़ वाले इलाकों का भ्रमण किया। चिन्हित प्वाइंट पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के साथ ही उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया। सोमवार को लगने वाले जाम से निपटने के लिए उन्होंने पटरी से अतिक्रमण हटाने के साथ ही थानेदार और चौकी प्रभारी को चिन्हित प्वाइंट पर पूरे दिन मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
निर्देश के बाद भी जाम की समस्या दूर न होने पर आईजी मंगलवार शाम चार बजे खुद ही समाधान ढूंढने निकले। अंबेडकर चौराहा होते हुए वह रेलवे स्टेशन पहुंचे। जाम पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने रेलवे स्टेशन रोड पर सड़क किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियों का चालान कराने के साथ ही अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को रास्ता बाधित न करने की चेतावनी दी। उन्होंने एसपी (सिटी) हेमराज मीणा, सीओ कैंट अभय मिश्रा से अतिक्रमण करने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही नियमित मानीटरिंग करने को कहा।
रेलवे बस स्टेशन के सामने सड़क के दोनों तरफ बसों की लंबी कतार रहने पर उन्होंने रोडवेज अधीक्षक से नाराजगी जताई। साथ ही रोस्टर के हिसाब से बसें डिपो के अंदर खड़ी कराने को कहा। बस स्टेशन के सामने लगी टूटी बैरिकेडिग को उन्होंने ठीक कराने को कहा। साथ ही ट्रैफिक रूल न मानने वालों का चालान करने का इंस्पेक्टर कैंट को निर्देश दिया। आईजी एक घंटे तक रेलवे स्टेशन रोड पर रहे। शाम पांच बजे वह असुरन चौराहा पहुंचे। पटरी पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले लोगों को चेतावनी देने के साथ ही उन्होंने थानेदार को कार्रवाई का निर्देश दिया।
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आईजी के जाते ही सड़क पर लग गईं बसें
आईजी के रेलवे स्टेशन से जाते ही सड़क पर रोडवेज और प्राइवेट बसें फिर लग गईं। इससे पहले उनका काफिला देख सिपाहियों ने सभी गाड़ियों को डिपो के अंदर खड़ा करा दिया था। टेंपो के साथ ही पुलिस चौकी के सामने टेंपो ट्रेवलर खड़ा करने वाले भी चले गए, लेकिन उनके जाते ही वे फिर सवारी भरने लगे।
200 डग्गामार वाहनों के कारण लगता है जाम
शहर में 200 डग्गामार वाहनों के कारण जाम लगता है। बिना रोस्टर के डिपो में गाड़ियों के खड़ी होने पर आईजी ने स्टेशन अधीक्षक से नाराजगी जाहिर की तो उन्होंने जगह की मांग शुरू कर दी। पूछने पर उन्होंने बताया कि रोडवेज की बसों के अलावा रेलवे स्टेशन रोड से करीब 200 डग्गामार वाहन चलते हैं जिस कारण ट्रैफिक व्यस्त रहता है। आईजी मोहित अग्रवाल ने स्टेशन अधीक्षक से गाड़ियों की सूची एसपी (सिटी) हेमराज मीणा को देने का निर्देश दिया।
आईजी के पहुंचते ही सिपाहियों ने ट्रैवलर हटवा दिए
गोरखपुर। आईजी मोहित अग्रवाल के रेलवे स्टेशन पहुंचते ही पुलिस वालों में हड़कंप मच गया। उन्होंने रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के सामने से चलने वाले डग्गामार ट्रैवलरों को तत्काल हटवा दिया ताकि उनका भेद न खुल जाए। रेलवे स्टेशन से पुलिस की सरपरस्ती में चल रहे ट्रैवलरों से रोडवेज को हर महीने डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। गोरखपुर डिपो के पूर्व एआरएम महेश चंद ने 33 ट्रैवलरों की सूची बनाकर कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को भेजी थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर इन पर अंकुश भी लगाया था। कुछ दिनों तक तो ट्रैवलरों का संचालन बंद रहा लेकिन अब फिर ट्रैवलरों का संचालन शुरू हो गया है। अब तो इनकी संख्या में इजाफा भी हो गया है। वर्तमान समय में रेलवे स्टेशन से तकरीबन 44 ट्रैवलरों का संचालन हो रहा है।
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निर्देश के बाद भी जाम की समस्या दूर न होने पर आईजी मंगलवार शाम चार बजे खुद ही समाधान ढूंढने निकले। अंबेडकर चौराहा होते हुए वह रेलवे स्टेशन पहुंचे। जाम पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने रेलवे स्टेशन रोड पर सड़क किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियों का चालान कराने के साथ ही अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को रास्ता बाधित न करने की चेतावनी दी। उन्होंने एसपी (सिटी) हेमराज मीणा, सीओ कैंट अभय मिश्रा से अतिक्रमण करने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही नियमित मानीटरिंग करने को कहा।
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रेलवे बस स्टेशन के सामने सड़क के दोनों तरफ बसों की लंबी कतार रहने पर उन्होंने रोडवेज अधीक्षक से नाराजगी जताई। साथ ही रोस्टर के हिसाब से बसें डिपो के अंदर खड़ी कराने को कहा। बस स्टेशन के सामने लगी टूटी बैरिकेडिग को उन्होंने ठीक कराने को कहा। साथ ही ट्रैफिक रूल न मानने वालों का चालान करने का इंस्पेक्टर कैंट को निर्देश दिया। आईजी एक घंटे तक रेलवे स्टेशन रोड पर रहे। शाम पांच बजे वह असुरन चौराहा पहुंचे। पटरी पर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले लोगों को चेतावनी देने के साथ ही उन्होंने थानेदार को कार्रवाई का निर्देश दिया।
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आईजी के जाते ही सड़क पर लग गईं बसें
आईजी के रेलवे स्टेशन से जाते ही सड़क पर रोडवेज और प्राइवेट बसें फिर लग गईं। इससे पहले उनका काफिला देख सिपाहियों ने सभी गाड़ियों को डिपो के अंदर खड़ा करा दिया था। टेंपो के साथ ही पुलिस चौकी के सामने टेंपो ट्रेवलर खड़ा करने वाले भी चले गए, लेकिन उनके जाते ही वे फिर सवारी भरने लगे।
200 डग्गामार वाहनों के कारण लगता है जाम
शहर में 200 डग्गामार वाहनों के कारण जाम लगता है। बिना रोस्टर के डिपो में गाड़ियों के खड़ी होने पर आईजी ने स्टेशन अधीक्षक से नाराजगी जाहिर की तो उन्होंने जगह की मांग शुरू कर दी। पूछने पर उन्होंने बताया कि रोडवेज की बसों के अलावा रेलवे स्टेशन रोड से करीब 200 डग्गामार वाहन चलते हैं जिस कारण ट्रैफिक व्यस्त रहता है। आईजी मोहित अग्रवाल ने स्टेशन अधीक्षक से गाड़ियों की सूची एसपी (सिटी) हेमराज मीणा को देने का निर्देश दिया।
आईजी के पहुंचते ही सिपाहियों ने ट्रैवलर हटवा दिए
गोरखपुर। आईजी मोहित अग्रवाल के रेलवे स्टेशन पहुंचते ही पुलिस वालों में हड़कंप मच गया। उन्होंने रेलवे स्टेशन पुलिस चौकी के सामने से चलने वाले डग्गामार ट्रैवलरों को तत्काल हटवा दिया ताकि उनका भेद न खुल जाए। रेलवे स्टेशन से पुलिस की सरपरस्ती में चल रहे ट्रैवलरों से रोडवेज को हर महीने डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। गोरखपुर डिपो के पूर्व एआरएम महेश चंद ने 33 ट्रैवलरों की सूची बनाकर कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को भेजी थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर इन पर अंकुश भी लगाया था। कुछ दिनों तक तो ट्रैवलरों का संचालन बंद रहा लेकिन अब फिर ट्रैवलरों का संचालन शुरू हो गया है। अब तो इनकी संख्या में इजाफा भी हो गया है। वर्तमान समय में रेलवे स्टेशन से तकरीबन 44 ट्रैवलरों का संचालन हो रहा है।