{"_id":"5831c3544f1c1bb604b39883","slug":"if-tear-in-eyes-does-not-comes-it-may-be-a-desease","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंखों से न निकले आंसू तो है बीमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंखों से न निकले आंसू तो है बीमारी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 21 Nov 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
अांख्ाें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेडिकल कॉलेज में चल रहे नयन उत्सव का रविवार को समापन हो गया। इस दौरान एम्स से आई डॉ. नम्रता शर्मा ने ‘ड्राई आई’ बीमारी पर व्याख्यान दिया। बताया कि चोट लगने, हादसा होने जैसी स्थिति में भी आंखों में यदि आंसू न आए तो यह एक गंभीर बीमारी है। इसे ड्राई आई कहते हैं, जिसमें रोशनी जाने तक का खतरा रहता है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी में आंसू सूख जाने के साथ ही पलक झपकाने में भी तकलीफ महसूस होती है। जलन, चुभन और पढ़ने में परेशानी होने पर तत्काल आंखों को लेकर सावधान हो जाना चाहिए। कानपुर की डॉ. शालिनी ने बताया कि नेत्रदान से रोशनी पाए लोगों में बीमारियां होती हैं। इन बीमारियों में ज्यादा सजग रहना चाहिए, क्योंकि यह नेचुरल आई नहीं होती। मोतियाबिंद आदि होने की संभावना ज्यादा होती है।
दिल्ली के डॉ. दिनेश तलवार ने बताया कि डायबिटीज के रोगी को आंखों के प्रति ज्यादा सावधान रहना चाहिए। क्योंकि ऐसे मरीजों के शरीर की धमनियां गलने लगती हैं। पीड़ित मरीजों के आंखों की धमनियों से खून निकलकर रेटिना पर फैल जाता है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है। यह दवा से ठीक तो हो जाता है, मगर सावधानी जरूरी है। डॉ. देवेंद्र सूद ने ग्लूकोमा को खतरनाक बीमारी बताया कि इसमें अचानक आंखों की रोशनी चली जाती है। यह आनुवंशिक भी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस बीमारी में आंसू सूख जाने के साथ ही पलक झपकाने में भी तकलीफ महसूस होती है। जलन, चुभन और पढ़ने में परेशानी होने पर तत्काल आंखों को लेकर सावधान हो जाना चाहिए। कानपुर की डॉ. शालिनी ने बताया कि नेत्रदान से रोशनी पाए लोगों में बीमारियां होती हैं। इन बीमारियों में ज्यादा सजग रहना चाहिए, क्योंकि यह नेचुरल आई नहीं होती। मोतियाबिंद आदि होने की संभावना ज्यादा होती है।
विज्ञापन
दिल्ली के डॉ. दिनेश तलवार ने बताया कि डायबिटीज के रोगी को आंखों के प्रति ज्यादा सावधान रहना चाहिए। क्योंकि ऐसे मरीजों के शरीर की धमनियां गलने लगती हैं। पीड़ित मरीजों के आंखों की धमनियों से खून निकलकर रेटिना पर फैल जाता है। इससे आंखों की रोशनी जा सकती है। यह दवा से ठीक तो हो जाता है, मगर सावधानी जरूरी है। डॉ. देवेंद्र सूद ने ग्लूकोमा को खतरनाक बीमारी बताया कि इसमें अचानक आंखों की रोशनी चली जाती है। यह आनुवंशिक भी होता है।
विज्ञापन