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एचएससीसी इंडिया लिमिटेड कराएगी एम्स का निर्माण

Wed, 31 Aug 2016 01:16 AM IST
अरुण चन्द, अमर उजाला, गोरखपुर।
अरुण चन्द, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Wed, 31 Aug 2016 01:16 AM IST
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HSCC India will build AIIMS in gorakhpur
एम्स - फोटो : amar ujala/demo photo
गोरखपुर। भारत सरकार के उद्यम एचएससीसी इंडिया लिमिटेड को गोरखपुर में एम्स के निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। पखवारे भर में कंपनी को ले-आउट तैयार कर एनओसी के लिए एयरफोर्स को रिपोर्ट भेजनी होगी। कोई तकनीकी दिक्कत नहीं हुई तो एनओसी मिलते ही एम्स का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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एसडीएम सदर पंकज वर्मा ने इसकी पुष्टि करते बताया कि इसे लेकर कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। सितंबर के अंतिम सप्ताह से कंपनी को काम शुरू कराने को कहा गया है। सदर सांसद आदित्यनाथ ने भी ‘अमर उजाला’ को बताया कि एम्स को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले महीने से काम भी शुरू हो जाएगा।
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एयरफोर्स से एनओसी की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही पखवारे भर में ही एम्स के लिए गन्ना शोध संस्थान की जमीन का भू-प्रयोग भी बदला जाएगा। इसके लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण में आवेदन किया जाएगा। प्राधिकरण, शासन में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर गन्ना शोध संस्थान की कृषि भूमि का भू-प्रयोग बदलकर औद्योगिक एवं आवासीय करेगा। एसडीएम ने बताया कि गन्ना शोध संस्थान को कुशीनगर ट्रांसफर करने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही यहां के अफसर-कर्मचारी वहां कमान संभाल लेंगे।
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डीएम ओएन सिंह ने बताया कि हाल के वर्षों में बनी इमारतों को निर्माण पूरा होने तक सुरक्षित रखा जाएगा, बाकी को तोड़ दिया जाएगा। चूंकि निर्माण कार्य कराने वाले लोगों को भी निगरानी के लिए यहां रहना पड़ेगा, ऐसे में जो इमारतें नई और सुरक्षित हैं, उन्हें अंतिम तक बचाकर रखा जाएगा।


इसी तरह शासन के निर्देश पर एम्स परिसर में एक अलग पावर स्टेशन बनाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। जब तक यह पावर स्टेशन वजूद में नहीं आ जाता, तब तक मोतीराम अड्डे से एम्स को सप्लाई दी जाएगी ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो। इसी तरह जल निगम वहां एक और ट्यूबवेल बनाएगा। वर्तमान समय में गन्ना शोध संस्थान परिसर में तीन ट्यूबवेल पहले से हैं। एक और ट्यूबवेल बन जाने से पानी का इंतजाम पूरा हो जाएगा। 
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