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जली होलिका, उल्लास में डूबे लोग

Sun, 12 Mar 2017 09:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 12 Mar 2017 09:30 PM IST
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holi in gorakhpur
लाल‌‌ डिग्गी में आयोजित आरएसएस की होली कार्यक्रम में भाग लेते लोग । - फोटो : Amar Ujala
रविवार की शाम शहर में होलिकादहन का आयोजन पूरे विधि-विधान से हुआ। शहर के सभी मोहल्लों में स्थापित होलिका को पूजन-अर्चन के बाद अग्नि को अर्पित कर दिया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका जली तो उल्लास में डूबे श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर भगवान और भक्त प्रहलाद से सर्वमंगल की कामना की।
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होलिका दहन के पहले मोहल्लों के लोग अपने आसपास के मंदिरों या फिर सार्वजनिक स्थानों पर ढोल-मजीरे के साथ इकट्ठे हुए। पहले तो भजन गायन हुआ, फिर शुरू हुआ होली गीतों का दौर। जैसे-जैसे कार्यक्रम परवान चढ़ा होली की मस्ती और हुड़दंग गीतों में उतरने लगे। दहन का समय होते ही टोलियों में लोग होलिका स्थल पर पहुंचे और पहले पूजन किया फिर होलिका में आग लगाई। आग लगते ही लोगों ने शरीर में लगाए बुकवा से छूटी मैल को उसके हवाले कर दिया और बुराइयां दूर हों, साथ ही सद्भाव और सदाचार जीवन के सारथी बनें, इसकी प्रार्थना की। होलिका दहन के बाद सभी ने एक-दूसरे पर रंग फेंका और कबीरा गाकर होलिकोत्सव की शुरुआत की।
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भगवान नरसिंह की शोभायात्रा आज

होलिका दहन उत्सव समिति की ओर से भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा 13 मार्च की सुबह नौ बजे घंटाघर चौक से निकाली जाएगी। इस यात्रा का शुभारंभ गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी सदर सांसद योगी आदित्यनाथ, डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल करेंगे।  शोभायात्रा घंटाघर से शुरू होकर मदरसा चौक, लालडिग्गी, घासीकटरा, जाफरा बाजार, बेनीगंज, आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, रेती चौक, नार्मल होते हुए फिर से पांडेयहाता आकर समाप्त होगी। यह जानकारी मनोज जालान ने दी है।
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प्रतिपदा में हुआ होलिका दहन 

ज्योतिषाचार्य घनश्याम पांडेय ने बताया कि शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा मिलने पर होलिका दहन का आयोजन किया जाता है। रविवार को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा रात्रि सात बजकर 26 मिनट तक थी। इसी समय पूर्णिमा की समाप्ति के समय होलिका दहन किया गया। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि होलिका दहन सालों के बाद गुरु-पुख योग में मनाया गया है। इस योग से होलिका दहन में शामिल होने वाले सभी भक्तों को रोग, दुख से छुटकारा मिलता है। साथ ही धनधान्य यश कीर्ति की बढ़ोत्तरी होती है। 
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