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योगी दरबार में अब हेल्प डेस्क
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 09 May 2017 01:31 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर में बने हेल्प डेस्क में फरियादियों की मदद करते जिम्मेदार।
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में आने वाले फरियादियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाया गया है। सोमवार से हिंदू सेवाश्रम में लगे जनता दरबार से इसकी शुरुआत हो गई। पहले दिन करीब 150 फरियादियों को इस डेस्क से सहायता दी गई। इसके लिए दरबार में अमित सिंह मोनू, शेषनाथ योगी, डंडा बाबा, गणेश तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डेस्क पर विशेषकर उन लोगों को मदद में तरजीह दी जा रही है, जो लिखने और पढ़ने में कमजोर हैं। डेस्क पर तैनात लोग इनकी समस्याओं को सुनकर, शिकायत पत्र लिखने में मदद करते हैं। साथ ही संबंधित काउंटर पर जाने की सलाह देते हैं।
अब तक जनता दरबार में आने वाले शिकायती पत्रों में समस्याओं के सही तरीके से न लिखे होने या फरियादी का नाम पता साफ न लिखे होने से उसके निस्तारण में दिक्कतें आ रही थीं। इसे लेकर हेल्प डेस्क बनाया गया, ताकि मुकम्मल तरीके से समस्याओं की पैरवी की जा सके। सोमवार सुबह 10 बजे से फरियादियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक जारी रहा। हिंदू सेवाश्रम में भी तिलक हॉल की तरह आठ विभागों के काउंटर बनाए गए हैं, जहां फरियादियों ने समस्याएं दर्ज कराईं।
हिंदू सेवाश्रम में आईं शिकायतों का ब्यौरा
कार्यालय शिकायतें
डीएम 70
कमिश्नर 50
विकास भवन 19
विद्युुत 12
एसएसपी 42
नगर निगम 10
डीआईजी 07
आईजी 07
कुल 217
‘साहब मेरी मां को इंसाफ दिला दें’
सर मेरी मां के सिर पर कुल्हाड़ी से हमलाकर हत्या कर दी गई। साहब मेरी मां को इंसाफ दिला दें। पापा बहुत परेशान हैं, पुलिस अंकल बात नहीं सुनते हैं। पापा को कई बार थाने से भगा दिया गया। सोमवार को महराजगंज के फरेंदा थानाक्षेत्र के भगवतनगर, परसिया टोला निवासी दस साल के सुरजीत, बहन निशा (9) और अमरजीत (6) जनता दरबार में न्याय की आस लेकर पहुंचे थे। पिता और ग्रामीणों के साथ पहुंचे तीनों मासूम आईजी काउंटर और फिर मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचेे। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए कई बार उनकी आंखें डबडबा जा रही थीं। प्र्राथमिक विद्यालय परसिया में पढ़ने वाले तीनों विद्यार्थी मां के गुजरने के बाद अब तक स्कूल नहीं जा सके हैं। पिता परमेश्वर ने बताया कि उनकी पत्नी पार्वती की रास्ते के विवाद को लेकर गांव के ही रामचंदर, परमात्मा और राजकुमारी ने हत्या कर दी थी। पहले तो मुकदमा दर्ज करने में पुलिस ने सहयोग नहीं किया, मिन्नतों के बाद जब मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। तब से लेकर आज तक अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक गया हूं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से ढांढस मिला है।
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अब तक जनता दरबार में आने वाले शिकायती पत्रों में समस्याओं के सही तरीके से न लिखे होने या फरियादी का नाम पता साफ न लिखे होने से उसके निस्तारण में दिक्कतें आ रही थीं। इसे लेकर हेल्प डेस्क बनाया गया, ताकि मुकम्मल तरीके से समस्याओं की पैरवी की जा सके। सोमवार सुबह 10 बजे से फरियादियों के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक जारी रहा। हिंदू सेवाश्रम में भी तिलक हॉल की तरह आठ विभागों के काउंटर बनाए गए हैं, जहां फरियादियों ने समस्याएं दर्ज कराईं।
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हिंदू सेवाश्रम में आईं शिकायतों का ब्यौरा
कार्यालय शिकायतें
डीएम 70
कमिश्नर 50
विकास भवन 19
विद्युुत 12
एसएसपी 42
नगर निगम 10
डीआईजी 07
आईजी 07
कुल 217
‘साहब मेरी मां को इंसाफ दिला दें’
सर मेरी मां के सिर पर कुल्हाड़ी से हमलाकर हत्या कर दी गई। साहब मेरी मां को इंसाफ दिला दें। पापा बहुत परेशान हैं, पुलिस अंकल बात नहीं सुनते हैं। पापा को कई बार थाने से भगा दिया गया। सोमवार को महराजगंज के फरेंदा थानाक्षेत्र के भगवतनगर, परसिया टोला निवासी दस साल के सुरजीत, बहन निशा (9) और अमरजीत (6) जनता दरबार में न्याय की आस लेकर पहुंचे थे। पिता और ग्रामीणों के साथ पहुंचे तीनों मासूम आईजी काउंटर और फिर मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचेे। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते हुए कई बार उनकी आंखें डबडबा जा रही थीं। प्र्राथमिक विद्यालय परसिया में पढ़ने वाले तीनों विद्यार्थी मां के गुजरने के बाद अब तक स्कूल नहीं जा सके हैं। पिता परमेश्वर ने बताया कि उनकी पत्नी पार्वती की रास्ते के विवाद को लेकर गांव के ही रामचंदर, परमात्मा और राजकुमारी ने हत्या कर दी थी। पहले तो मुकदमा दर्ज करने में पुलिस ने सहयोग नहीं किया, मिन्नतों के बाद जब मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। तब से लेकर आज तक अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक गया हूं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से ढांढस मिला है।
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