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शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों का होगा सत्यपान
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शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों का होगा सत्यपान
गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस मामले की जांच जिला प्रशासन ने भी तेज कर दी है। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों के सत्यापन का आदेश दिए हैं। इसके लिए 25 थानाक्षेत्रों को 10 हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में एक-एक टीम लगाई गई है। हर टीम में 10-10 कर्मचारी रखे गए हैं।
एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों के सत्यापन में 100 कर्मचारी लगाए गए हैं। हर लाइसेंस की जांच होगी। जो भी गड़बड़ी पाई जाएगी, उसमें कड़ी कार्रवाई होगी। जांच पूरी कराके हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्ट्रेट व शस्त्र लाइसेंस के दुकानों के अभिलेखों में अंतर
गोरखपुर। शस्त्र की दुकानों से जो भी रिकार्ड जब्त और सीज किए गए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। रजिस्टर, शस्त्र लाइसेंस की फोटोकॉपी का कलेक्ट्रेट के अभिलेखों का मिलान कराया जा रहा है। तमाम गड़बड़ियां भी मिली हैं। एडीएम सिटी ने बताया कि कलेक्ट्रेट और कई दुकानों के अभिलेखों में अंतर देखने को मिला है।
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गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस मामले की जांच जिला प्रशासन ने भी तेज कर दी है। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों के सत्यापन का आदेश दिए हैं। इसके लिए 25 थानाक्षेत्रों को 10 हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में एक-एक टीम लगाई गई है। हर टीम में 10-10 कर्मचारी रखे गए हैं।
एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस और यूआईएन नंबरों के सत्यापन में 100 कर्मचारी लगाए गए हैं। हर लाइसेंस की जांच होगी। जो भी गड़बड़ी पाई जाएगी, उसमें कड़ी कार्रवाई होगी। जांच पूरी कराके हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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कलेक्ट्रेट व शस्त्र लाइसेंस के दुकानों के अभिलेखों में अंतर
गोरखपुर। शस्त्र की दुकानों से जो भी रिकार्ड जब्त और सीज किए गए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। रजिस्टर, शस्त्र लाइसेंस की फोटोकॉपी का कलेक्ट्रेट के अभिलेखों का मिलान कराया जा रहा है। तमाम गड़बड़ियां भी मिली हैं। एडीएम सिटी ने बताया कि कलेक्ट्रेट और कई दुकानों के अभिलेखों में अंतर देखने को मिला है।
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