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कब्र की खुदाई और सामान महंगा, दफनाने को देनी होगी ज्यादा रकम

Mon, 04 Nov 2019 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 04 Nov 2019 01:42 AM IST
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grave yard costiear
पुराना गोरखपुर स्थित कब्रिस्तान में लगा रेटबोर्ड

मुस्लिम कब्रिस्तानों में जो कब्र 1800 से 2200 रुपये में तैयार हो जाती थी, उसके लिए अब 3600 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। कब्र खोदने से लेकर उसमें लगाए जाने वाले पटरे और चटाई के दाम में बढ़ोतरी हुई है। कब्र के दाम बढ़ने को उलेमा गरीब मुसलमानों के लिए आर्थिक बोझ के रूप कि रूप में देख रहे हैं।

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तहफ्फुज कब्रिस्तान कमेटी, पुराना गोरखपुर की ओर से कब्र बनाए जाने के नए रेट तय किए गए हैं। इसके तहत कब्र की खुदाई 1800 रुपये, पटरों की कीमत 1400 रुपये और चटाई, घड़ा लोटा आदि के 400 रुपये तय किए गए हैं। कमेटी के सेक्रेटरी मो. जहीन उर्फ नन्हे ने बताया कि महंगाई बढ़ने के कारण लेबर, लकड़ी आदि सभी के दाम बढ़ गए हैं।
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मजबूरी में नए रेट जारी करने पड़े। उनके अनुसार पहले कब्र खुदाई 700 से 1000 रुपये में हो जाती थी। कब्र के पटरे भी 600 से 800 रुपये में मिलते थे। चटाई, घड़ा और लोटा भी 150 से 200 रुपये में मिल जाते थे। यानी कब्र 1800 से 2200 रुपये में तैयार हो जाती थी। छोटे बच्चों की कब्र तीन सौ रुपये में तैयार होती थी, अब इसका दाम 600 रुपये हो गया है।
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नन्हे बताते हैं कि कुछ खास लेबर ही कब्र खोदते हैं। एक से दो कब्र बनाने के बाद लेबर को कम से कम दो दिन आराम दिया जाता है, अन्यथा वह बीमार पड़ सकते हैं। इन लेबरों का परिवार पलता रहे, इसलिए खुदाई के दाम 1800 रुपये तय किए गए हैं।


गरीबों के लिए परेशानी का सबब
कब्र के दाम 3600 रुपये किए जाने को मौलाना उबैदुर्रहमान गरीबों के लिए परेशानी का सबब बताते हैं। समाज में कई परिवार इतने गरीब हैं कि उनके यहां मौत होने पर कफन के लिए भी पैसा नहीं होता। ऐसे में कब्र तैयार करवाने का बोझ सहन करना उनके लिए नामुमकिन होता है। बताया कि मुंबई में सरकार की ओर से मुफ्त में कब्र खुदवाई जाती है यदि ऐसा हो तो कम से कम गरीब परिवारों को बहुत मदद मिलेगी। हाफिज तौसीफ कहते हैं कि कब्र के दाम इतने नहीं होने चाहिए कि मरने वाले के परिजन खर्च के बोझ से दब जाएं। वह संतोष भी जताते हैं कि गरीबों के लिए समाज के लोग मिलजुल कर कब्र तैयार करवाते हैं।

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