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कॉलेजों में सीधे प्रवेश से फंस सकता है दाखिला
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कॉलेज में सीधे पंजीकरण से फंस सकता है दाखिला
गोरखपुर। स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए डिग्री कॉलेजों में सीधे पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों का दाखिला फंस सकता है। विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के फैसले के मुताबिक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बैठे विद्यार्थियों का ही दाखिला मान्य होगा।
उधर, डिग्री कॉलेजों का तर्क है कि अगर वे पंजीकरण नहीं कराते हैं तो विद्यार्थी ही नहीं मिलेंगे। प्रवेश को लेकर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में टकराहट की नौबत आ गई है। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों का दाखिले पर संकट मंडराने लगा है।
विश्वविद्यालय ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई थी जिसमें 37748 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। लेकिन परीक्षा में करीब 22 हजार ही विद्यार्थी शामिल हुए। जितने विद्यार्थी हैं अगर सभी ने प्रवेश ले लिया तो शहर के कॉलेजों में सीटें भर जाएंगी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में करीब पौने तीन सौ कॉलेजों में 10 फीसदी सीटें नहीं भरेंगी।
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कॉलेजों को सीधे प्रवेश की अनुमति दे विश्वविद्यालय
गोरखपुर। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश पांडेय एवं महामंत्री डॉ सुधीर कुमार राय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग किया है कि स्ववित्त पोषित कॉलेजों को स्नातक कक्षाओं में सीधे प्रवेश लेने की अनुमति दी जाए। ताकि पूर्वांचल से विद्यार्थियों का पलायन रोका जा सके। पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्ष जब संयुक्त प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कम आई तो इस वर्ष कुलपति को पत्र लिखकर आगाह किया गया था। लेकिन इसके बाद भी परीक्षा कराई गई।
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गोरखपुर। स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए डिग्री कॉलेजों में सीधे पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों का दाखिला फंस सकता है। विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के फैसले के मुताबिक संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बैठे विद्यार्थियों का ही दाखिला मान्य होगा।
उधर, डिग्री कॉलेजों का तर्क है कि अगर वे पंजीकरण नहीं कराते हैं तो विद्यार्थी ही नहीं मिलेंगे। प्रवेश को लेकर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में टकराहट की नौबत आ गई है। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों का दाखिले पर संकट मंडराने लगा है।
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विश्वविद्यालय ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई थी जिसमें 37748 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया। लेकिन परीक्षा में करीब 22 हजार ही विद्यार्थी शामिल हुए। जितने विद्यार्थी हैं अगर सभी ने प्रवेश ले लिया तो शहर के कॉलेजों में सीटें भर जाएंगी लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में करीब पौने तीन सौ कॉलेजों में 10 फीसदी सीटें नहीं भरेंगी।
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कॉलेजों को सीधे प्रवेश की अनुमति दे विश्वविद्यालय
गोरखपुर। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश पांडेय एवं महामंत्री डॉ सुधीर कुमार राय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग किया है कि स्ववित्त पोषित कॉलेजों को स्नातक कक्षाओं में सीधे प्रवेश लेने की अनुमति दी जाए। ताकि पूर्वांचल से विद्यार्थियों का पलायन रोका जा सके। पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्ष जब संयुक्त प्रवेश परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या कम आई तो इस वर्ष कुलपति को पत्र लिखकर आगाह किया गया था। लेकिन इसके बाद भी परीक्षा कराई गई।