फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   gorakhpur unipole matter

शहर में फर्जी ढंग से चल रहा यूनिपोल का धंधा

Thu, 26 Dec 2019 02:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 02:15 AM IST
विज्ञापन
gorakhpur unipole matter
शहर में फर्जी ढंग से चल रहा यूनिपोल का धंधा
विज्ञापन

गोराखपुर। शहर में फर्जी यूनिपोल का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इसके जरिये हरेक साल लाखों रुपये का वारा-न्यारा किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह नगर निगम और होर्डिंग एजेंसियों की मिलीभगत से चल रहा है।
होर्डिंग, यूनिपोल और बैनर-पोस्टर नगर निगम की आय का बड़ा जरिया है। इनसे नगर निगम को सालाना करीब सवा करोड़ रुपये राजस्व की आमदनी होती है। वहीं होर्डिंग एजेंसियां ठेका हासिल कर इनसे करोड़ों रुपये कमाते हैं। इतनी बड़ी रकम होने की वजह से इस काम में भ्रष्टाचार भी खूब हो रहा है। एक यूनिपोल से होर्डिंग एजेंसी या नगर निगम को सालाना ढाई तीन लाख रुपये सालाना की आमदनी होती है। शहर भर में करीब दर्जन भर यूनीपोल फर्जी ढंग से जिनका कोई दावेदार नहीं है। लेकिन इनसे कमाई की जा रही है। इन यूनीपोल का नगर निगम के पास कोई आंकड़ा नहीं है।
विज्ञापन

इस संबंध में चंद्रा एसोसिएट्स की ओर से कमिश्नर से शिकायत भी की गई है। इसमें कहा गया है कि बेतियाहाता चौक हनुमान मंदिर रोड पर मोमेंटम कोचिंग के सामने, रुस्तमपुर पुलिस चौकी के सामने डिवाइडर पर, एम्स के मुख्य गेट के सामने, रामगढ़ताल पुलिया के पास, रिलायंस ट्रेंड के पास, नौसड़ पेट्रोल पंप के पास, नंदानगर क्रासिंग के पास फर्जी ढंग से यूनिपोल लगे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह का कहना है कि शहर में कई होर्डिंग और यूनिपोल फर्जी ढंग से लगे हुए हैं। नगर निगम ने इन सबको चिह्नित भी कर लिया है। जल्द ही इन सबको हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सभी अवैध होर्डिंग और यूनिपोल स्ट्रक्चर को जब्त कर लिया जाएगा।

एक यूनिपोल से होती है ढाई से तीन लाख रुपये की सालाना आमदनी
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर के विभिन्न इलाकों में कुल 78 यूनिपोल लगे हैं। इनमें 42 एनएनआई एजेंसी को, 11 चंद्रा एसोसिएट्स को, 14 सिग्मा, पांच अदिति और छह जागरण इंगेज को मिले हुए हैं। चंद्रा एसोसिएट्स के राकेश सिंह का कहना है कि सामान्य तौर पर एक यूनिपोल से सालाना ढाई से तीन लाख रुपये की आमदनी होती है, लेकिन शहर में कई यूनिपोल फर्जी ढंग से लगे हैं जिनकी जानकारी नगर निगम को नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed