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‘प्रापर्टी खरीदने में 20 हजार से ज्यादा नकदी दिया तो सरकार पूछेगी सवाल’
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‘प्रापर्टी खरीदने में 20 हजार से ज्यादा नकदी दिया तो सरकार पूछेगी सवाल’
गोरखपुर। कोई मकान या जमीन खरीदने में 20 हजार रुपये से ज्यादा नकदी देना आप पर भारी पड़ सकता है। इनकम टैक्स विभाग इस संबंध में सवाल पूछ सकता है। वित्तीय पारदर्शिता के लिए 10 हजार रुपये से ज्यादा का कोई भी खर्च चेक के माध्यम से ही किया जाना चाहिए । वित्त विशेषज्ञों ने कार्यशाला में इसके अलावा कई और जानकारियां दीं।
द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया की ओर से रविवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान जीएसटी और इनकम टैक्स ऑडिट के समय बरती जाने वाली विभिन्न सावधानियों के बारे में बताया गया। मुख्य वक्ता कानपुर रिजनल काउंसिल सदस्य सीए अतुल मल्होत्रा ने बताया कि इनकम टैक्स और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। सारी चीजें ऑनलाइन की जा रही हैं। जमीन या प्रापर्टी खरीदने में नकद की जगह चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से ही पैसा देना चाहिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट गोविंद माहेश्वरी ने कहा कि अगले दो साल में जीएसटी काफी आसान हो जाएगा। अक्टूबर से नए फार्म आएंगे। इससे व्यापारियों को काफी सहूलियत हो जाएगी। कार्यक्रम में गोरखपुर शाखा के अध्यक्ष एचएन सिंह, उपाध्यक्ष अरुण गुप्ता, सचिव जुगनू दुबे, सिकासा अध्यक्ष रौनक गोयल, प्रवीण अग्रवाल, अखिलेश दुबे, अनुपम गुप्ता समेत अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हुए।
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गोरखपुर। कोई मकान या जमीन खरीदने में 20 हजार रुपये से ज्यादा नकदी देना आप पर भारी पड़ सकता है। इनकम टैक्स विभाग इस संबंध में सवाल पूछ सकता है। वित्तीय पारदर्शिता के लिए 10 हजार रुपये से ज्यादा का कोई भी खर्च चेक के माध्यम से ही किया जाना चाहिए । वित्त विशेषज्ञों ने कार्यशाला में इसके अलावा कई और जानकारियां दीं।
द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया की ओर से रविवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान जीएसटी और इनकम टैक्स ऑडिट के समय बरती जाने वाली विभिन्न सावधानियों के बारे में बताया गया। मुख्य वक्ता कानपुर रिजनल काउंसिल सदस्य सीए अतुल मल्होत्रा ने बताया कि इनकम टैक्स और गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। सारी चीजें ऑनलाइन की जा रही हैं। जमीन या प्रापर्टी खरीदने में नकद की जगह चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से ही पैसा देना चाहिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट गोविंद माहेश्वरी ने कहा कि अगले दो साल में जीएसटी काफी आसान हो जाएगा। अक्टूबर से नए फार्म आएंगे। इससे व्यापारियों को काफी सहूलियत हो जाएगी। कार्यक्रम में गोरखपुर शाखा के अध्यक्ष एचएन सिंह, उपाध्यक्ष अरुण गुप्ता, सचिव जुगनू दुबे, सिकासा अध्यक्ष रौनक गोयल, प्रवीण अग्रवाल, अखिलेश दुबे, अनुपम गुप्ता समेत अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हुए।
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