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रजिस्ट्री विभाग के 25 करोड़ दबाए बैठी हैं टोल प्लाजा फर्म, अब होगी वसूली
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रजिस्ट्री विभाग के 25 करोड़ दबाए बैठी हैं टोल प्लाजा फर्म, अब होगी वसूली
अरुण चन्द
गोरखपुर। जमीन- मकान पर लोन देने के मामले में प्राइवेट बैंकों द्वारा गैर कानूनी तरीके से रजिस्ट्री विभाग को करोड़ों की चपत लगाने के बाद एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोरखपुर मंडल सीमा क्षेत्र में फोरलेन और नेशनल हाईवे पर पड़ने वाले पांच टोल प्लाजा फर्मों के मालिक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिले के निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय का पिछले तीन साल से 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दबाए बैठे हैं। शासन की सख्ती के बाद विभाग अब सभी पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही स्टांप ड्यूटी की कमी का आंकलन कर उनसे वसूली करेगा। डीआईजी रामानंद सिंह के मुताबिक मंगलवार को लखनऊ में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कार्रवाई के लिए अपनी रजामंदी दे दी है।
विभाग के अनुसार स्टांप एक्ट के तहत एक साल से अधिक समय का टेंडर पाने वाले सभी टोल प्लाजा फर्मों को रजिस्ट्री विभाग में रजिस्ट्रशन कराना जरूरी है। मगर गोरखपुर मंडल के भीतर पड़ने वाले पांच टोल प्लाजा ही नहीं बल्कि प्रदेश के ज्यादातर टोल प्लाजा फर्मों ने मनमानी करते हुए विभाग को करोड़ों की चपत लगाई। शासन स्तर पर पिछले तीन सालों का ही अगर आकलन करें तो यह रकम सैकड़ों करोड़ में पहुंच जाएगी। जांच अगर और पीछे के वर्षों की तरफ बढ़ी तो यह रकम बढ़ती जाएगी क्योंकि अमूमन ज्यादातर टोल प्लाजा का अनुबंध तीन साल के लिए ही होता है।
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मंडल की सीमा के टोल प्लाजा-
गोरखपुर- मुजफ्फरपुर फोरलेन पर तेनुआ टोल प्लाजा
देवरिया जिले में हाटा और कसया के बीच हेतिमपुर टोल प्लाजा
गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर सलेमगढ़ टोल प्लाजा
गोरखपुर-नौतनवां रोड पर पीपीगंज के पास नयनसर टोल प्लाजा(इसी वर्ष शुरू)
गौरखपुर- नौतनवां रोड पर नौतनवां के पास छपवा टोल प्लाजा (इसी वर्ष शुरू)
फरेंदा-धानी मार्ग पर हड़हवा टोल प्लाजा
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हेतिमपुर का खाता सीज कर होगी 1.90 करोड़ की वसूली
हेतिमपुर टोल प्लाजा पर स्टांप बकाये का निर्धारण एक बार 2015 में हो चुका है। गोरखपुर के डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह ने बताया कि देवरिया में एआईजी स्टांप रहते हुए उन्होंने केस दर्ज करा बकाया का निर्धारण किया था जो 1.90 करोड़ रुपये था। अभी तक टोल प्लाजा संचालित करने वाली फर्म ने इसे जमा नहीं किया। शासन ने इस मामले में अब एनएचएआई और हेतिमपुर टोल प्लाजा का ज्वाइंट खाता सीज कर रकम वसूलने का निर्देश दिया है। इसे लेकर जल्द कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर देवरिया के डीएम से भी मदद ली जाएगी।
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एक साल से अधिक समय के लिए टोल प्लाजा संचालित करने वाली सभी फर्म को रजिस्ट्री विभाग में रजिस्ट्र्रेशन कराना जरूरी है। अमूमन सभी टोल प्लाजा का अनुबंधन तीन साल के लिए ही होता है। गोरखपुर मंडल में किसी भी टोल प्लाजा ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। पिछले तीन सालों में इन पर कई करोड़ की देनदारी तय होने की उम्मीद है। सभी के खिलाफ स्टांप एक्ट के तहत संबंधित जिलों में मुकदमा दर्ज कर बकाये का निर्धारण होगा, फिर उसकी वसूली की जाएगी। इस मामले में विभागीय मंत्री और अफसरों के तरफ से भी रजामंदी मिल गई है।- रामानंद सिंह, डीआईजी स्टांप गोरखपुर।
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अरुण चन्द
गोरखपुर। जमीन- मकान पर लोन देने के मामले में प्राइवेट बैंकों द्वारा गैर कानूनी तरीके से रजिस्ट्री विभाग को करोड़ों की चपत लगाने के बाद एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोरखपुर मंडल सीमा क्षेत्र में फोरलेन और नेशनल हाईवे पर पड़ने वाले पांच टोल प्लाजा फर्मों के मालिक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिले के निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय का पिछले तीन साल से 25 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दबाए बैठे हैं। शासन की सख्ती के बाद विभाग अब सभी पर मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही स्टांप ड्यूटी की कमी का आंकलन कर उनसे वसूली करेगा। डीआईजी रामानंद सिंह के मुताबिक मंगलवार को लखनऊ में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में विभाग के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कार्रवाई के लिए अपनी रजामंदी दे दी है।
विभाग के अनुसार स्टांप एक्ट के तहत एक साल से अधिक समय का टेंडर पाने वाले सभी टोल प्लाजा फर्मों को रजिस्ट्री विभाग में रजिस्ट्रशन कराना जरूरी है। मगर गोरखपुर मंडल के भीतर पड़ने वाले पांच टोल प्लाजा ही नहीं बल्कि प्रदेश के ज्यादातर टोल प्लाजा फर्मों ने मनमानी करते हुए विभाग को करोड़ों की चपत लगाई। शासन स्तर पर पिछले तीन सालों का ही अगर आकलन करें तो यह रकम सैकड़ों करोड़ में पहुंच जाएगी। जांच अगर और पीछे के वर्षों की तरफ बढ़ी तो यह रकम बढ़ती जाएगी क्योंकि अमूमन ज्यादातर टोल प्लाजा का अनुबंध तीन साल के लिए ही होता है।
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मंडल की सीमा के टोल प्लाजा-
गोरखपुर- मुजफ्फरपुर फोरलेन पर तेनुआ टोल प्लाजा
देवरिया जिले में हाटा और कसया के बीच हेतिमपुर टोल प्लाजा
गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर सलेमगढ़ टोल प्लाजा
गोरखपुर-नौतनवां रोड पर पीपीगंज के पास नयनसर टोल प्लाजा(इसी वर्ष शुरू)
गौरखपुर- नौतनवां रोड पर नौतनवां के पास छपवा टोल प्लाजा (इसी वर्ष शुरू)
फरेंदा-धानी मार्ग पर हड़हवा टोल प्लाजा
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हेतिमपुर का खाता सीज कर होगी 1.90 करोड़ की वसूली
हेतिमपुर टोल प्लाजा पर स्टांप बकाये का निर्धारण एक बार 2015 में हो चुका है। गोरखपुर के डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह ने बताया कि देवरिया में एआईजी स्टांप रहते हुए उन्होंने केस दर्ज करा बकाया का निर्धारण किया था जो 1.90 करोड़ रुपये था। अभी तक टोल प्लाजा संचालित करने वाली फर्म ने इसे जमा नहीं किया। शासन ने इस मामले में अब एनएचएआई और हेतिमपुर टोल प्लाजा का ज्वाइंट खाता सीज कर रकम वसूलने का निर्देश दिया है। इसे लेकर जल्द कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर देवरिया के डीएम से भी मदद ली जाएगी।
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एक साल से अधिक समय के लिए टोल प्लाजा संचालित करने वाली सभी फर्म को रजिस्ट्री विभाग में रजिस्ट्र्रेशन कराना जरूरी है। अमूमन सभी टोल प्लाजा का अनुबंधन तीन साल के लिए ही होता है। गोरखपुर मंडल में किसी भी टोल प्लाजा ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। पिछले तीन सालों में इन पर कई करोड़ की देनदारी तय होने की उम्मीद है। सभी के खिलाफ स्टांप एक्ट के तहत संबंधित जिलों में मुकदमा दर्ज कर बकाये का निर्धारण होगा, फिर उसकी वसूली की जाएगी। इस मामले में विभागीय मंत्री और अफसरों के तरफ से भी रजामंदी मिल गई है।- रामानंद सिंह, डीआईजी स्टांप गोरखपुर।