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जेल में उत्पात मचाने वाले सात बंदी दूसरे जेल भेजे गए
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जेल में उत्पात मचाने वाले सात बंदी दूसरे जेल भेजे गए
गोरखपुर।मंडलीय कारागार में उत्पात मचाने वाले सात बंदियों को शनिवार को दूसरे जिलों की जेलों में भेज दिया गया है। हालांकि डीआईजी जेल की रिपोर्ट मिलने के बावजूद अब तक बवाल के लिए जिम्मेदार जेल अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। शासन से अनुमति मिलते ही शनिवार की रात बंदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया। माना जा रहा है कि इन बंदियों के शिफ्ट किए जाने से जेल में गुटबाजी खत्म होगी।
जानकारी के मुताबिक कोईल यादव को बुलंदशहर, गोविंद यादव को अलीगढ़, रोशन अली को बाराबंकी, चंदन राय को कानपुर देहात, दानिश को झांसी, बिट्टू यादव को बांदा और राजकुमार यादव को कानपुर नगर जेल भेजा गया है। कोईल और गोविंद समेत अन्य भेजे गए बंदी ही जेल में उत्पात के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं। 11 अक्तूबर की सुबह जेल में बंदियों ने उत्पात मचाया था। जेल के अंदर बवाल की सूचना पर डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ मोर्चा संभाला था और साढ़े सात घंटे के बवाल के बाद जेल में बंदी शांत हुए थे। इस प्रकरण में शाहपुर थाने में 271 बंदियों के खिलाफ केस भी दर्ज है।
जेल में बवाल की जांच डीआईजी जेल ने पूरी करके 18 अक्तूबर को रिपोर्ट एडीजी को सौंपी थी। जिसमें जेल कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी। इस मामले में अभी कार्रवाई लंबित है लेकिन इस बीच जेल प्रशासन की ओर से भी उत्पाती बंदियों को दूसरे जेल भेजने की सिफारिश पर शासन से अनुमति मिल गई।
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गोरखपुर।मंडलीय कारागार में उत्पात मचाने वाले सात बंदियों को शनिवार को दूसरे जिलों की जेलों में भेज दिया गया है। हालांकि डीआईजी जेल की रिपोर्ट मिलने के बावजूद अब तक बवाल के लिए जिम्मेदार जेल अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। शासन से अनुमति मिलते ही शनिवार की रात बंदियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया। माना जा रहा है कि इन बंदियों के शिफ्ट किए जाने से जेल में गुटबाजी खत्म होगी।
जानकारी के मुताबिक कोईल यादव को बुलंदशहर, गोविंद यादव को अलीगढ़, रोशन अली को बाराबंकी, चंदन राय को कानपुर देहात, दानिश को झांसी, बिट्टू यादव को बांदा और राजकुमार यादव को कानपुर नगर जेल भेजा गया है। कोईल और गोविंद समेत अन्य भेजे गए बंदी ही जेल में उत्पात के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं। 11 अक्तूबर की सुबह जेल में बंदियों ने उत्पात मचाया था। जेल के अंदर बवाल की सूचना पर डीएम और एसएसपी ने फोर्स के साथ मोर्चा संभाला था और साढ़े सात घंटे के बवाल के बाद जेल में बंदी शांत हुए थे। इस प्रकरण में शाहपुर थाने में 271 बंदियों के खिलाफ केस भी दर्ज है।
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जेल में बवाल की जांच डीआईजी जेल ने पूरी करके 18 अक्तूबर को रिपोर्ट एडीजी को सौंपी थी। जिसमें जेल कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी। इस मामले में अभी कार्रवाई लंबित है लेकिन इस बीच जेल प्रशासन की ओर से भी उत्पाती बंदियों को दूसरे जेल भेजने की सिफारिश पर शासन से अनुमति मिल गई।
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