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गोरखपुर में 34 डॉक्टरों के नाम 41 अल्ट्रासाउंड सेंटर, कारण बताओ नोटिस जारी
Wed, 11 Dec 2019 11:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2019 11:21 AM IST
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इस हाल में पड़ी है गंगोलीहाट अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी डिग्री के आधार पर अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलकर गैर प्रशिक्षित व्यक्तियों से जांच करवाने वाले 34 चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन चिकित्सकों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली सलाहकार समिति में अनिवार्य रूप से उपस्थित होेकर जवाब देने का नोटिस सीएमओ कार्यालय से जारी किया गया है।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के केवल पंजीकृत चिकित्सक ही अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सोनोग्राफी मशीन का प्रयोग जांच में कर सकते हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी बताया कि इन अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के दौरान यह देखने में आया कि चिकित्सक अपनी डिग्री किसी अन्य व्यक्ति को देकर उनके अस्पताल और अल्ट्रासाउंड केंद्र का पंजीकरण तो करा देते हैं, लेकिन इन केंद्रों पर वह कोई चिकित्सीय कार्य यानी सोनोग्राफी जांच आदि नहीं करते। जांच में 34 चिकित्सक ऐसे पाए गए जिनके नाम पर अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत है। इनमें से दस से अधिक चिकित्सकों के नाम एक से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र का पंजीकरण है।
शहर में कुल 41 अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना चिकित्सकों के गैर प्रशिक्षित लोगों द्वारा चलाते हुए पाए गए। गैर प्रशिक्षित लोग पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन कर सकते हैं, भ्रूण लिंग परीक्षण की आशंका भी रहती है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि इस प्रकार की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाए।
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पीसीपीएनडीटी एक्ट के केवल पंजीकृत चिकित्सक ही अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सोनोग्राफी मशीन का प्रयोग जांच में कर सकते हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी बताया कि इन अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच के दौरान यह देखने में आया कि चिकित्सक अपनी डिग्री किसी अन्य व्यक्ति को देकर उनके अस्पताल और अल्ट्रासाउंड केंद्र का पंजीकरण तो करा देते हैं, लेकिन इन केंद्रों पर वह कोई चिकित्सीय कार्य यानी सोनोग्राफी जांच आदि नहीं करते। जांच में 34 चिकित्सक ऐसे पाए गए जिनके नाम पर अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत है। इनमें से दस से अधिक चिकित्सकों के नाम एक से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र का पंजीकरण है।
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शहर में कुल 41 अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना चिकित्सकों के गैर प्रशिक्षित लोगों द्वारा चलाते हुए पाए गए। गैर प्रशिक्षित लोग पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन कर सकते हैं, भ्रूण लिंग परीक्षण की आशंका भी रहती है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि इस प्रकार की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाए।
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