{"_id":"5866b9a44f1c1b741aeee8a6","slug":"gorakhpur-division-falls-down-in-developemnt-ranking","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास में नौ पायदान नीचे खिसका गोरखपुर मंडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास में नौ पायदान नीचे खिसका गोरखपुर मंडल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 31 Dec 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
विकास
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तरफ हम जहां नए साल की तरफ बढ़ रहे हैं, वहीं विकास के मामले में गोरखपुर मंडल साल के सबसे खराब स्थिति में पहुंच गया है। अक्टूबर की तुलना में नवंबर में मंडल नौ पायदान खिसककर सूबे में 14वें रैंक पर पहुंच गया है यानी सूबे के 18 मंडलों में नीचे से पांचवें स्थान पर। शासन स्तर पर जांची गई प्रगति में प्रदेश के साथ ही मंडल में भी गोरखपुर जिला सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। गोरखपुर जहां 53वें रैंक पर है तो कुशीनगर 51, देवरिया 46, तथा महराजगंज 42वें रैंक पर है।
विकास की इस प्रगति रिपोर्ट ने तमाम विभागों के अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कमिश्नर अनिल कुमार ने भी इसपर नाराजगी जताई है और अब सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर संबंधित योजनाओं की प्रगति जल्द सुधारने के साथ ही मानीटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बता दें कि राज्य पोषण मिशन, अपूर्ण विद्यालय, जनेश्वर मिश्र, रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष, पोलियो ग्रस्त बच्चों की सर्जरी, पीएचसी का निर्माण, एनएचएम के तहत निरीक्षण, आम आदमी बीमा योजना, लोहिया गांवों में संपर्क मार्ग का निर्माण, लोहिया गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र, आसरा योजना, मल्टी सेक्टोरल योजना और शौचालय निर्माण समेत 22 योजनाओं में तो मंडल को शून्य अंक मिले हैं।
ऐसे तय होती है श्रेणी
राज्य औसत से 60 फीसदी नीचे रहने पर-डी श्रेणी
60 से 80 फीसदी तक-सी श्रेणी
80 से 100 तक-बी श्रेणी
100 या उससे अधिक पर- एक श्रेणी
ऐसे मिलता है नंबर
ए श्रेणी पर- तीन नंबर
बी श्रेणी पर- दो नंबर
सी श्रेणी पर- एक नंबर
डी श्रेणी पर- शून्य
जिला रैंक प्रतिशत
विज्ञापन
गोरखपुर 53 68.65
कुशीनगर 51 69.33
देवरिया 46 71.75
महराजगंज 42 72.79
विज्ञापन
विकास की इस प्रगति रिपोर्ट ने तमाम विभागों के अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कमिश्नर अनिल कुमार ने भी इसपर नाराजगी जताई है और अब सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर संबंधित योजनाओं की प्रगति जल्द सुधारने के साथ ही मानीटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बता दें कि राज्य पोषण मिशन, अपूर्ण विद्यालय, जनेश्वर मिश्र, रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष, पोलियो ग्रस्त बच्चों की सर्जरी, पीएचसी का निर्माण, एनएचएम के तहत निरीक्षण, आम आदमी बीमा योजना, लोहिया गांवों में संपर्क मार्ग का निर्माण, लोहिया गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र, आसरा योजना, मल्टी सेक्टोरल योजना और शौचालय निर्माण समेत 22 योजनाओं में तो मंडल को शून्य अंक मिले हैं।
विज्ञापन
ऐसे तय होती है श्रेणी
राज्य औसत से 60 फीसदी नीचे रहने पर-डी श्रेणी
60 से 80 फीसदी तक-सी श्रेणी
80 से 100 तक-बी श्रेणी
100 या उससे अधिक पर- एक श्रेणी
ऐसे मिलता है नंबर
ए श्रेणी पर- तीन नंबर
बी श्रेणी पर- दो नंबर
सी श्रेणी पर- एक नंबर
डी श्रेणी पर- शून्य
जिला रैंक प्रतिशत
विज्ञापन
गोरखपुर 53 68.65
कुशीनगर 51 69.33
देवरिया 46 71.75
महराजगंज 42 72.79