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गीडा के सात उद्योगों पर पर्यावरणीय क्षति के लिए लाखों का जुर्माना
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गीडा के सात उद्योगों पर पर्यावरणीय क्षति के लिए लाखों का जुर्माना
एक्सक्लूसिव
गोरखपुर। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गीडा के सात उद्योगों पर लाखों का जुर्माना लगाया है। सभी उद्योगों को नोटिस देकर एक सप्ताह में जुर्माने की रकम उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।
मीरा शुक्ला की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन उद्योगों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने संबंधी जानकारी दी थी। इसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन सभी उद्योगों से पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के तौर पर जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया। इसके बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन सभी उद्योगों को एक सप्ताह में जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। मुख्य पर्यावरण अधिकारी एसबी सिंह की ओर से जारी आदेश में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मेसर्स बर्नेट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड से 12.87 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है। अन्य उद्योगों को भी इसी तरह का आदेश दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर यह राशि जमा नहीं की जाती है तो वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि ऐसे तो गीडा के उद्योग बर्बाद हो जाएंगे। मेसर्स बर्नेट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखा गया है। उन्होंने इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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:: इन उद्योगों को देना होगा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
भारती रिसर्च एंड ब्रीडिंग फर्म, मदर श्री डेयरी, अल्केन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, बर्नेत फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखनाथ एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, रॉयल सवेरा फुड्स प्राइवेट लिमिटेड, संधू हेचरी प्राइवेट लिमिटेड
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गोरखपुर। पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गीडा के सात उद्योगों पर लाखों का जुर्माना लगाया है। सभी उद्योगों को नोटिस देकर एक सप्ताह में जुर्माने की रकम उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश दिया है।
मीरा शुक्ला की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन उद्योगों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने संबंधी जानकारी दी थी। इसके बाद एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन सभी उद्योगों से पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के तौर पर जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया। इसके बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन सभी उद्योगों को एक सप्ताह में जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। मुख्य पर्यावरण अधिकारी एसबी सिंह की ओर से जारी आदेश में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मेसर्स बर्नेट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड से 12.87 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा कराने का निर्देश दिया गया है। अन्य उद्योगों को भी इसी तरह का आदेश दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर यह राशि जमा नहीं की जाती है तो वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि ऐसे तो गीडा के उद्योग बर्बाद हो जाएंगे। मेसर्स बर्नेट फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कमिश्नर के सामने अपना पक्ष रखा गया है। उन्होंने इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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:: इन उद्योगों को देना होगा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
भारती रिसर्च एंड ब्रीडिंग फर्म, मदर श्री डेयरी, अल्केन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, बर्नेत फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, गोरखनाथ एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, रॉयल सवेरा फुड्स प्राइवेट लिमिटेड, संधू हेचरी प्राइवेट लिमिटेड