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गीडा में लगेगा 15 एमएलडी का सीईटीपी प्लांट
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गीडा में लगेगा 15 एमएलडी का सीईटीपी प्लांट
गोरखपुर। आमी नदी को औद्योगिक कचरे से बचाने के लिए गीडा प्रशासन अब 15 मिलियन लीटर/ दिन (एमएलडी) क्षमता का कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) लगाएगा। एनजीटी की सख्ती के बाद जल निगम ने करीब 77 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
गीडा की फैक्ट्रियों का गंदा आमी नदी में गिरने से रोकने के लिए सीईटीपी लगाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह इस मामले को लेकर एनजीटी में दस्तक दी थी। एनजीटी हाईपावर कमेटी ने भी जांच कर यहां सीईटीपी लगाने संबंधी रिपोर्ट दी थी। गीडा प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी देने के बाद जल निगम ने करीब 77 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। गीडा के संपत्ति प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि 15 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाया जाएगा। जल निगम ने करीब 77 करोड़ रुपये का डीपीआर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
पहले 35 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाना था प्रस्तावित
गीडा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को आमी नदी में सीधे गिरने से रोकने के लिए सीईटीपी की स्थापना गीडा की शर्तों में शामिल था। सर्वे के बाद एमएमएमयूटी के शिक्षक डॉ. गोविंद पांडेय के अलावा सीईटीपी के लिए बनाई गई कार्यदायी संस्था जल निगम ने यहां 35 एमएलडी क्षमता वाली सीईटीपी की रिपोर्ट दी थी, लेकिन बाद में जल निगम ने सीएसआईआर से नए सिरे से आंकलन कराया और इसे सिर्फ पांच एमएलडी का कर दिया गया। आखिरकार अब 15 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाने का निर्णय किया गया है।
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गोरखपुर। आमी नदी को औद्योगिक कचरे से बचाने के लिए गीडा प्रशासन अब 15 मिलियन लीटर/ दिन (एमएलडी) क्षमता का कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) लगाएगा। एनजीटी की सख्ती के बाद जल निगम ने करीब 77 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
गीडा की फैक्ट्रियों का गंदा आमी नदी में गिरने से रोकने के लिए सीईटीपी लगाने की कवायद लंबे समय से चल रही है। आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह इस मामले को लेकर एनजीटी में दस्तक दी थी। एनजीटी हाईपावर कमेटी ने भी जांच कर यहां सीईटीपी लगाने संबंधी रिपोर्ट दी थी। गीडा प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी देने के बाद जल निगम ने करीब 77 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। गीडा के संपत्ति प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि 15 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाया जाएगा। जल निगम ने करीब 77 करोड़ रुपये का डीपीआर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
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पहले 35 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाना था प्रस्तावित
गीडा की फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को आमी नदी में सीधे गिरने से रोकने के लिए सीईटीपी की स्थापना गीडा की शर्तों में शामिल था। सर्वे के बाद एमएमएमयूटी के शिक्षक डॉ. गोविंद पांडेय के अलावा सीईटीपी के लिए बनाई गई कार्यदायी संस्था जल निगम ने यहां 35 एमएलडी क्षमता वाली सीईटीपी की रिपोर्ट दी थी, लेकिन बाद में जल निगम ने सीएसआईआर से नए सिरे से आंकलन कराया और इसे सिर्फ पांच एमएलडी का कर दिया गया। आखिरकार अब 15 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगाने का निर्णय किया गया है।
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