{"_id":"58ebed4f4f1c1b462dcf5a75","slug":"geetapress-staal-in-ralways-station-s","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी, विलासपुर, रायगढ़ और मथुरा में गीताप्रेस के स्टाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी, विलासपुर, रायगढ़ और मथुरा में गीताप्रेस के स्टाल
आशुतोष मिश्र
Updated Tue, 11 Apr 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गीताप्रेस ने देश के चार स्टेशनों पर स्टाल खोले हैं। झांसी, विलासपुर, रायगढ़ और मथुरा में गीताप्रेस के स्टाल से लोग सस्ती कीमत पर धार्मिक साहित्य खरीद सकेंगे। इन स्टालों के खुलने के बाद देश में गीताप्रेस के 48 स्टेशन स्टाल हो गए हैं। शीघ्र ही कुछ अन्य स्टेशनों पर भी स्टाल खोलने की तैयारी है।
गीताप्रेस में विभिन्न भाषाओं में करीब दो हजार पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। इनमें से करीब 1700 पुस्तकें ऐसी हैं, जिनका प्रकाशन लगभग नियमित है। गीताप्रेस से प्रकाशित पुस्तकों की लोकप्रियता का बड़ा कारण संस्था की विश्वसनीयता और सस्ता होना भी है। ऐसे में गीताप्रेस में पुस्तकों की काफी मांग है। देश ही नहीं विदेशों में भी इन पुस्तकों के कद्रदान हैं। पाठकों को पुस्तकें सहज उपलब्ध हो सकें, इसके लिए गीताप्रेस ने कई रेलवे स्टेशनों पर स्टाल खोल रखे हैं। पिछले साल तक दिल्ली, नई दिल्ली, निजामुद्दीन, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर समेत कुल 44 स्टेशनों पर गीताप्रेस के स्टाल थे। अब गीताप्रेस रेलवे नेटवर्क के जरिए अपने पाठकों का दायरा बढ़ाने में जुटा है। इसी कड़ी में झांसी, विलासपुर, रायगढ़ स्टेशन पर मार्च में नए स्टाल खोले गए हैं। इसी माह मथुरा में भी संस्था का स्टाल शुरू हो चुका है। ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने बताया कि शीघ्र ही इलाहाबाद स्टेशन पर भी गीताप्रेस का स्टाल खुलेगा। वहां स्टाल का निर्माण चल रहा है। इसी साल ग्वालियर, आगरा, भोपाल, जयपुर, जोधपुर और अजमेर स्टेशन पर भी गीताप्रेस का स्टाल खोलने की योजना है।
विज्ञापन
गीताप्रेस में विभिन्न भाषाओं में करीब दो हजार पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। इनमें से करीब 1700 पुस्तकें ऐसी हैं, जिनका प्रकाशन लगभग नियमित है। गीताप्रेस से प्रकाशित पुस्तकों की लोकप्रियता का बड़ा कारण संस्था की विश्वसनीयता और सस्ता होना भी है। ऐसे में गीताप्रेस में पुस्तकों की काफी मांग है। देश ही नहीं विदेशों में भी इन पुस्तकों के कद्रदान हैं। पाठकों को पुस्तकें सहज उपलब्ध हो सकें, इसके लिए गीताप्रेस ने कई रेलवे स्टेशनों पर स्टाल खोल रखे हैं। पिछले साल तक दिल्ली, नई दिल्ली, निजामुद्दीन, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर समेत कुल 44 स्टेशनों पर गीताप्रेस के स्टाल थे। अब गीताप्रेस रेलवे नेटवर्क के जरिए अपने पाठकों का दायरा बढ़ाने में जुटा है। इसी कड़ी में झांसी, विलासपुर, रायगढ़ स्टेशन पर मार्च में नए स्टाल खोले गए हैं। इसी माह मथुरा में भी संस्था का स्टाल शुरू हो चुका है। ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने बताया कि शीघ्र ही इलाहाबाद स्टेशन पर भी गीताप्रेस का स्टाल खुलेगा। वहां स्टाल का निर्माण चल रहा है। इसी साल ग्वालियर, आगरा, भोपाल, जयपुर, जोधपुर और अजमेर स्टेशन पर भी गीताप्रेस का स्टाल खोलने की योजना है।
विज्ञापन