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रजिस्ट्री न कराने वाले राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना के आवंटियों को नोटिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:30 AM IST
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जीडीए ने मानबेला में जमीन की पैमाइश कराई थी।
- फोटो : Amar Ujala/File Photo
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राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना के तहत आवंटन के बाद भूखंड की पूरी रकम जमा करने के बाद भी रजिस्ट्री न कराने वाले 212 आवंटियों को जीडीए ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम के मुताबिक कुछ आवंटियों को सोमवार को नोटिस भेज दिया गया है। रजिस्ट्री न कराने वाले बाकी आवंटियों को भी मंगलवार तक नोटिस भेज दिया जाएगा।
जीडीए सचिव के अनुसार 2009 में शुरू हुई इस योजना के तहत कुल 825 लोगों को भूखंड आवंटित हुए थे। इनमें से 392 लोगों ने रजिस्ट्री करा ली थी। पिछले तीन दिनों में इनमें से 99 लोगों को कब्जा दिलाया जा चुका है। बाकी को कब्जा दिलाया जा रहा है। वहीं 213 ऐसे आवंटी हैं जिन्होंने रुपये तो जमा कर दिए मगर अभी तक रजिस्ट्री ही नहीं कराई, जबकि बाकी आवंटियों ने अभी पूरी रकम ही नहीं जमा की है। रुपये जमा कर रजिस्ट्री न कराने वाले सभी लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। तय समय के भीतर अगर उन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई तो उनके आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे।
निराश लौटे आवंटी, नहीं मिला कब्जा
कब्जा लेने के लिए कुछ आवंटी सोमवार को भी मानबेला पहुंचे थे, मगर जीडीए की टीम ही नहीं पहुंची। तीन दिन में जीडीए ने रजिस्ट्री करा चुके 392 में से महज 99 लोगों को ही कब्जा दिलाया। जीडीए ने कब्जा दिलाने की प्रक्रिया निरंतर चलते रहने का दावा किया था, मगर सोमवार को प्राधिकरण की टीम कब्जा दिलाने नहीं पहुंची। राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना आवंटी संघर्ष समिति के संरक्षक रमेश चंद्र गुप्ता ने विज्ञप्ति जारी कर प्राधिकरण की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोमवार को दूर-दराज के कई आवंटी कब्जा लेने पहुंचे मगर उन्हें निराशा हाथ लगी।
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आज कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा प्राधिकरण
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कब्जा न दिलाने पर कुछ आवंटियों ने जीडीए के खिलाफ अवमानना का केस दाखिल कर दिया था। इस मामले में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में अपनी गर्दन बचाने के लिए ही करीब आठ साल से खामोश बैठे जीडीए अफसरों ने राप्ती नगर आवंटियों को कब्जा दिलाना शुरू किया है। प्राधिकरण पिछले तीन दिनों से अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखने के लिए आवंटियों को कब्जा दिलाने की वीडियोग्राफी समेत अन्य जवाब तैयार करने में जुटा था।
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जीडीए सचिव के अनुसार 2009 में शुरू हुई इस योजना के तहत कुल 825 लोगों को भूखंड आवंटित हुए थे। इनमें से 392 लोगों ने रजिस्ट्री करा ली थी। पिछले तीन दिनों में इनमें से 99 लोगों को कब्जा दिलाया जा चुका है। बाकी को कब्जा दिलाया जा रहा है। वहीं 213 ऐसे आवंटी हैं जिन्होंने रुपये तो जमा कर दिए मगर अभी तक रजिस्ट्री ही नहीं कराई, जबकि बाकी आवंटियों ने अभी पूरी रकम ही नहीं जमा की है। रुपये जमा कर रजिस्ट्री न कराने वाले सभी लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। तय समय के भीतर अगर उन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई तो उनके आवंटन निरस्त कर दिए जाएंगे।
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निराश लौटे आवंटी, नहीं मिला कब्जा
कब्जा लेने के लिए कुछ आवंटी सोमवार को भी मानबेला पहुंचे थे, मगर जीडीए की टीम ही नहीं पहुंची। तीन दिन में जीडीए ने रजिस्ट्री करा चुके 392 में से महज 99 लोगों को ही कब्जा दिलाया। जीडीए ने कब्जा दिलाने की प्रक्रिया निरंतर चलते रहने का दावा किया था, मगर सोमवार को प्राधिकरण की टीम कब्जा दिलाने नहीं पहुंची। राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना आवंटी संघर्ष समिति के संरक्षक रमेश चंद्र गुप्ता ने विज्ञप्ति जारी कर प्राधिकरण की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोमवार को दूर-दराज के कई आवंटी कब्जा लेने पहुंचे मगर उन्हें निराशा हाथ लगी।
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आज कोर्ट में अपना पक्ष रखेगा प्राधिकरण
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कब्जा न दिलाने पर कुछ आवंटियों ने जीडीए के खिलाफ अवमानना का केस दाखिल कर दिया था। इस मामले में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक कोर्ट में अपनी गर्दन बचाने के लिए ही करीब आठ साल से खामोश बैठे जीडीए अफसरों ने राप्ती नगर आवंटियों को कब्जा दिलाना शुरू किया है। प्राधिकरण पिछले तीन दिनों से अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखने के लिए आवंटियों को कब्जा दिलाने की वीडियोग्राफी समेत अन्य जवाब तैयार करने में जुटा था।