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फर्जी लाइसेंस : शस्त्र विक्रेता समेत चार के खिलाफ केस
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शस्त्र दुकान रवि आर्म्स को सील करते एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अजित सिं?
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फर्जी लाइसेंस : शस्त्र विक्रेता समेत चार के खिलाफ केस
गोरखपुर। जिले में फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदने के मामले में कैंट पुलिस ने बुधवार देर रात शस्त्र विक्रेता समेत चार के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार तनवीर को गोरखनाथ पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक असलहा बाबू प्रथम राम सिंह ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन टाउनहाल गोरखपुर के प्रोपराइटर समेत विकास तिवारी, निवासी राप्तीनगर और तनवीर खान, निवासी गोरखनाथ और शिवम मिश्रा, निवासी खजनी कैंट के खिलाफ तहरीर दी थी। रवि आर्म्स के प्रोपराइटर का नाम प्रकाश नारायण पांडे है। हालांकि एफआईआर में उन्हें नामजद नहीं किया गया है। बेटे रवि के नाम पर उनकी आर्म्स शॉप का लाइसेंस है।
कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक असलहा लाइसेंस के लिए कई लोग कार्यालय आते हैं। शस्त्र लाइसेंस ही नहीं कई अन्य तरह की जानकारी भी लेते हैं। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने आकर बताया कि तीन लोगों को लाइसेंस जारी हुआ है। उन्होंने ही शिवम, विकास और तनवीर के नाम बताए और उनके लाइसेंस की छायाप्रति भी उपलब्ध करा दी। इसका जब कार्यालय के रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो पता चला कि तीनों लाइसेंस मजिस्ट्रेट दफ्तर से जारी ही नहीं हुए हैं। जांच में पता चला कि तनवीर ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन से शस्त्र भी खरीद लिया है। फर्जी दस्तावेज को इस तरह से तैयार किया गया है, जिससे वह देखने से एकदम असली लगे। प्रकरण की जांच सब इंस्पेक्टर शेष कुमार शर्मा को सौंपी गई है।
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गोरखपुर। जिले में फर्जी लाइसेंस पर असलहे खरीदने के मामले में कैंट पुलिस ने बुधवार देर रात शस्त्र विक्रेता समेत चार के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार तनवीर को गोरखनाथ पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक असलहा बाबू प्रथम राम सिंह ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन टाउनहाल गोरखपुर के प्रोपराइटर समेत विकास तिवारी, निवासी राप्तीनगर और तनवीर खान, निवासी गोरखनाथ और शिवम मिश्रा, निवासी खजनी कैंट के खिलाफ तहरीर दी थी। रवि आर्म्स के प्रोपराइटर का नाम प्रकाश नारायण पांडे है। हालांकि एफआईआर में उन्हें नामजद नहीं किया गया है। बेटे रवि के नाम पर उनकी आर्म्स शॉप का लाइसेंस है।
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कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक असलहा लाइसेंस के लिए कई लोग कार्यालय आते हैं। शस्त्र लाइसेंस ही नहीं कई अन्य तरह की जानकारी भी लेते हैं। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने आकर बताया कि तीन लोगों को लाइसेंस जारी हुआ है। उन्होंने ही शिवम, विकास और तनवीर के नाम बताए और उनके लाइसेंस की छायाप्रति भी उपलब्ध करा दी। इसका जब कार्यालय के रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो पता चला कि तीनों लाइसेंस मजिस्ट्रेट दफ्तर से जारी ही नहीं हुए हैं। जांच में पता चला कि तनवीर ने रवि आर्म्स कार्पोरेशन से शस्त्र भी खरीद लिया है। फर्जी दस्तावेज को इस तरह से तैयार किया गया है, जिससे वह देखने से एकदम असली लगे। प्रकरण की जांच सब इंस्पेक्टर शेष कुमार शर्मा को सौंपी गई है।
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