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वेंटिलेटर में लगी आग, मची अफरा-तफरी
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 09:33 PM IST
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गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के इंसेफेलाटिस वार्ड में मौजूद न्यू नेटल यूनिट के आईसीयू के एक वेंटिलेटर में मंगलवार की शाम आग लग र्गई। इसे देखकर डॉक्टर समेत ज्यादातर तीमारदार वार्ड से बाहर सड़क पर आकर खड़े हो गए। जूनियर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर उठाकर बाहर फेंक दिया इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। बड़ा हादसा टल गया और किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
शाम तीन बजे के करीब न्यू नेटल यूनिट के आईसीयू से एक जूनियर डॉक्टर ने धुआं उठता देखा तो वह आग-आग कहकर शोर मचाने लगा। यह सुनते ही इंसेफेलाइटिस वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। हर व्यक्ति चाहे वह डॉक्टर हो या फिर कर्मचारी जल्द से जल्द वार्ड से बाहर जाना चाहता था। देखते ही देखते ज्यादातर लोग वार्ड से बाहर सड़क पर आकर खड़े हो गए। सबसे खराब स्थिति उन तीमारदारों की थी, जिनके बच्चे वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती थे।
उनमें से कई तीमारदार चिल्लाते तो रहे लेकिन वार्ड से बाहर नहीं आए। इस हो-हल्ला के बीच एक जूनियर डॉक्टर ने हिम्मत दिखाई और जल रहे वेंटिलेटर का तार बोर्ड से अलग कर उसे वार्ड से बाहर फेंक दिया। वेंटिलेटर के बाहर चले जाने के बाद लोगों की जान में जान आई और फिर वापस वार्ड में लौटे। वेंटिलेटर जलने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई।
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शाम तीन बजे के करीब न्यू नेटल यूनिट के आईसीयू से एक जूनियर डॉक्टर ने धुआं उठता देखा तो वह आग-आग कहकर शोर मचाने लगा। यह सुनते ही इंसेफेलाइटिस वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। हर व्यक्ति चाहे वह डॉक्टर हो या फिर कर्मचारी जल्द से जल्द वार्ड से बाहर जाना चाहता था। देखते ही देखते ज्यादातर लोग वार्ड से बाहर सड़क पर आकर खड़े हो गए। सबसे खराब स्थिति उन तीमारदारों की थी, जिनके बच्चे वार्ड में गंभीर हालत में भर्ती थे।
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उनमें से कई तीमारदार चिल्लाते तो रहे लेकिन वार्ड से बाहर नहीं आए। इस हो-हल्ला के बीच एक जूनियर डॉक्टर ने हिम्मत दिखाई और जल रहे वेंटिलेटर का तार बोर्ड से अलग कर उसे वार्ड से बाहर फेंक दिया। वेंटिलेटर के बाहर चले जाने के बाद लोगों की जान में जान आई और फिर वापस वार्ड में लौटे। वेंटिलेटर जलने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई।
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