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किसानों को बायोटेक्नोलॉजी का देंगे प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Fri, 05 Aug 2016 09:00 PM IST
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खेती
- फोटो : ब्यूरो
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उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। गोरखपुर मंडल में क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में 12 अगस्त को कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि कार्यशाला में 150 किसानों को नई तकनीक से अवगत कराते हुए प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञ के रूप में जीसी वर्मा लखनऊ से आएंगे जो किसानों को वर्मी कंपोस्ट बनाने, जेट्रोफा से बायो डीजल बनाने, टिश्यू कल्चर से केले का उत्पादन करने तथा नील हरित शैवाल से जैविक खाद बनाने की जानकारी देंगे। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी कौशल का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए रसायनमुक्त बायो डीजल व जैविक खादों के उत्पादन तथा उनके मौलिक गुणों के विषय में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल होने वाले किसानों को 12 अगस्त से पहले क्षेत्रीय कार्यालय में या वैज्ञानिक अधिकारी के मोबाइल नंबर 9838469374 पंजीकरण करा सकते हैं। प्रशिक्षण पूर्ण रूप से निशुल्क है।
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वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि कार्यशाला में 150 किसानों को नई तकनीक से अवगत कराते हुए प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञ के रूप में जीसी वर्मा लखनऊ से आएंगे जो किसानों को वर्मी कंपोस्ट बनाने, जेट्रोफा से बायो डीजल बनाने, टिश्यू कल्चर से केले का उत्पादन करने तथा नील हरित शैवाल से जैविक खाद बनाने की जानकारी देंगे। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी कौशल का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
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पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए रसायनमुक्त बायो डीजल व जैविक खादों के उत्पादन तथा उनके मौलिक गुणों के विषय में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल होने वाले किसानों को 12 अगस्त से पहले क्षेत्रीय कार्यालय में या वैज्ञानिक अधिकारी के मोबाइल नंबर 9838469374 पंजीकरण करा सकते हैं। प्रशिक्षण पूर्ण रूप से निशुल्क है।
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