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कौन सा सर्किल सबसे निकम्मा है, सबसे ह.....खोर है
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कौन सा सर्किल सबसे निकम्मा है, सबसे ह.....खोर है
रोहित सिंह
गोरखपुर। ‘देख लें कि कौन से सर्किल सबसे निकम्मे हैं, सबसे ह.....खोर हैं। जिनके परिणाम खराब चल रहे हैं।’ अमर्यादित भाषा में वरिष्ठ बिजली अधिकारियों को संबोधित करने का 16 मिनट का एक आडियो इन दिनों बिजली महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। संबोधन करने वाले शख्स यूपी पावर निगम के चेयरमैन और जिले के नोडल अधिकारी आलोक कुमार बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बिजली योजनाओं और राजस्व वसूली के लिए निगम के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने कुछ इसी अंदाज में संबोधन किया है। इस ऑडियो को लेकर गोरखपुर के बिजली अधिकारियों में काफी नाराजगी है, इसका रिकॉर्ड होकर मीटिंग से बाहर मोबाइल दर मोबाइल फैलना इसका सुबूत है। आलोक कुमार से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, उन्होंने फोन उठाया नहीं। टेक्स्ट मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। यदि उनका जवाब मिला तो प्रकाशित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक ऑडियो बिजली निगम के मेगा चेकिंग अभियान के एक या दो दिन पहले का है। संबोधन का लब्बो लुआब यूं है कि कार्यप्रणाली से लग रहा कि पिछड़ रहे हैं। इसी बीच हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में हरियाणा को तीन साल में 400 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। डिस्काम के अधिकारियों से कहने में थोड़ा शर्म आ रही कि वो निकम्मे श्रेणी में आ रहे हैं। उप्र उर्जा विभाग डिस्काम के निकम्मे अधिकारियों को वेतन लेने दिया जाए इस पर विचार किया जा सकता है। निदेशक कार्मिशियल यूपी पीसीएल से अपेक्षा की जाती है कि सोमवार सुबह 11 बजे तक खंडवार रिपोर्ट डिस्काम के एमडी को भेज दें। सोमवार की शाम तक एमडी देख लें कि कौन सा सर्किल कैसे काम रहा है ? देख लें कि कौन से सर्किल सबसे निकम्मे हैं, सबसे ह.....खोर हैं। जिनके परिणाम खराब चल रहे हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन से भी अधिकारियों द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में असंसदीय शब्दों का प्रयोग बंद करने की मांग रखी है।
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रोहित सिंह
गोरखपुर। ‘देख लें कि कौन से सर्किल सबसे निकम्मे हैं, सबसे ह.....खोर हैं। जिनके परिणाम खराब चल रहे हैं।’ अमर्यादित भाषा में वरिष्ठ बिजली अधिकारियों को संबोधित करने का 16 मिनट का एक आडियो इन दिनों बिजली महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। संबोधन करने वाले शख्स यूपी पावर निगम के चेयरमैन और जिले के नोडल अधिकारी आलोक कुमार बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बिजली योजनाओं और राजस्व वसूली के लिए निगम के अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में उन्होंने कुछ इसी अंदाज में संबोधन किया है। इस ऑडियो को लेकर गोरखपुर के बिजली अधिकारियों में काफी नाराजगी है, इसका रिकॉर्ड होकर मीटिंग से बाहर मोबाइल दर मोबाइल फैलना इसका सुबूत है। आलोक कुमार से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, उन्होंने फोन उठाया नहीं। टेक्स्ट मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। यदि उनका जवाब मिला तो प्रकाशित किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक ऑडियो बिजली निगम के मेगा चेकिंग अभियान के एक या दो दिन पहले का है। संबोधन का लब्बो लुआब यूं है कि कार्यप्रणाली से लग रहा कि पिछड़ रहे हैं। इसी बीच हरियाणा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में हरियाणा को तीन साल में 400 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। डिस्काम के अधिकारियों से कहने में थोड़ा शर्म आ रही कि वो निकम्मे श्रेणी में आ रहे हैं। उप्र उर्जा विभाग डिस्काम के निकम्मे अधिकारियों को वेतन लेने दिया जाए इस पर विचार किया जा सकता है। निदेशक कार्मिशियल यूपी पीसीएल से अपेक्षा की जाती है कि सोमवार सुबह 11 बजे तक खंडवार रिपोर्ट डिस्काम के एमडी को भेज दें। सोमवार की शाम तक एमडी देख लें कि कौन सा सर्किल कैसे काम रहा है ? देख लें कि कौन से सर्किल सबसे निकम्मे हैं, सबसे ह.....खोर हैं। जिनके परिणाम खराब चल रहे हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन से भी अधिकारियों द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में असंसदीय शब्दों का प्रयोग बंद करने की मांग रखी है।
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