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इलेक्ट्रिक लोको शेड में कैंट स्टेशन से जाएंगे इंजन
राजन राय
Updated Tue, 02 May 2017 09:01 PM IST
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रेलवे ने एयरफोर्स के पास इलेक्ट्रिक लोको (इंजन) शेड बनाने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। इसके साथ ही काम में भी तेजी आ गई है। बाउंड्री और प्रशासनिक भवन के फाउंडेशन का काम शुरू हो गया है। 100 इंजन के मेंटेनेंस के लिए यह लोको शेड 6000 स्कवायर मीटर में बनेगा। शेड में सिर्फ एक तरफ से ही प्रवेश होगा। मेंटेनेंस के लिए शेड में इंजन कैंट स्टेशन की तरफ से जाएगा।
छपरा से लखनऊ तक अब इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलने लगी हैं। अभी तक इलेक्ट्रिक इंजन का मेंटेनेंस हाजीपुर और लखनऊ में किया जा रहा है। सांसद रहते सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर में इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाने की मंजूरी दी थी। रेल बजट में इसकी विधिवत घोषणा भी हुई। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने एक कार्यक्रम के दौरान इसका शिलान्यास भी किया था। अब रेलवे ने शेड बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके बनने से जहां इलेक्ट्रिक लोको की मेंटेनेंस हो सकेगी वहीं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यहां काम करने के लिए रेलवे भर्तियां भी निकालेगा।
इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण प्राथमिकता में है। शेड की बाउंड्री का काम शुरू हो गया है। इसके बाद प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा। शेड के बनने से लोको को मेंटेनेंस के लिए बाहर नहीं भेजना पड़ेगा।
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- संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर
छह शेडयुक्त रिपेयर लाइन व वाशिंग पिट
तीन ओपन लाइन (रिसेप्शन कम इंपेक्शन लाइन)
प्रशासनिक ऑफिस (200 गुणा 14 मीटर)
सिक्योरिटी व टाइम आफिस (200 गुणा 14 मीटर)
कर्मचारी प्रशिक्षण कक्ष (200 गुणा 14 मीटर)
बैटरी रूम, स्टोर, टेस्टिंग रूम (प्रत्येक 100 गुणा 14 मीटर)
विद्युत सबस्टेशन व डीजल सेट (33 गुणा 24 मीटर)
मशीन शॉप (114 गुणा 22 मीटर)
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छपरा से लखनऊ तक अब इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलने लगी हैं। अभी तक इलेक्ट्रिक इंजन का मेंटेनेंस हाजीपुर और लखनऊ में किया जा रहा है। सांसद रहते सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर में इलेक्ट्रिक लोको शेड बनाने की मंजूरी दी थी। रेल बजट में इसकी विधिवत घोषणा भी हुई। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने एक कार्यक्रम के दौरान इसका शिलान्यास भी किया था। अब रेलवे ने शेड बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसके बनने से जहां इलेक्ट्रिक लोको की मेंटेनेंस हो सकेगी वहीं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यहां काम करने के लिए रेलवे भर्तियां भी निकालेगा।
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इलेक्ट्रिक लोको शेड का निर्माण प्राथमिकता में है। शेड की बाउंड्री का काम शुरू हो गया है। इसके बाद प्रशासनिक भवन का निर्माण होगा। शेड के बनने से लोको को मेंटेनेंस के लिए बाहर नहीं भेजना पड़ेगा।
विज्ञापन
- संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर
शेड में होने वाले काम
छह शेडयुक्त रिपेयर लाइन व वाशिंग पिट
तीन ओपन लाइन (रिसेप्शन कम इंपेक्शन लाइन)
प्रशासनिक ऑफिस (200 गुणा 14 मीटर)
सिक्योरिटी व टाइम आफिस (200 गुणा 14 मीटर)
कर्मचारी प्रशिक्षण कक्ष (200 गुणा 14 मीटर)
बैटरी रूम, स्टोर, टेस्टिंग रूम (प्रत्येक 100 गुणा 14 मीटर)
विद्युत सबस्टेशन व डीजल सेट (33 गुणा 24 मीटर)
मशीन शॉप (114 गुणा 22 मीटर)