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24 घंटे बाद भी नहीं हो सका ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:49 AM IST
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मेडिकल कालेज में भर्ती अशोक चौरिसिया।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में नियमित डॉक्टर न होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। चौरीचौरा में गोली लगने से घायल अशोक चौरसिया का ऑपरेशन 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं हो सका। शनिवार की देर शाम तक जिला अस्पताल में ऑपरेशन को लेकर कागजी कार्रवाई ही होती रही। वहीं मेडिकल कालेज में एक्सरे प्लेट न होने से भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में नियमित डॉक्टर नहीं हैं। गोली लगने से घायल मरीजों का ऑपरेशन करने से पहले एक्सरे और अन्य जांचें होती हैं। एक्सरे करने वाले डॉक्टर ही मेडिकल रिपोर्ट लगाते हैं, उसके बाद ही ऑपरेशन किया जाता है। संविदा पर रखे गए डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट मान्य नहीं होती। इसके चलते ही घायलों को जिला अस्पताल भेजकर एक्सरे कराना पड़ता है। अशोक चौरसिया को शुक्रवार रात उनकी दुकान में लूट के इरादे से घुसे बदमाशों ने नाकाम होने पर गोली मार दी थी।
इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मगर यहां आने के बाद डॉक्टर की कमी उनके लिए मुसीबत बन गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कागजी कार्रवाई में ही शनिवार का पूरा दिन बीत गया। ऐसा ही एक मामला मार्च 2016 में भी आया था। जिसमें चिलुआताल के देवेंद्र भारती का इलाज मेडिकल कॉलेज में कर दिया गया लेकिन गोली नहीं निकाली गई। बाद में जिला अस्पताल में आपॅरेशन कर उनके शरीर से गोली निकाली गई।
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पहले भी फंस चुका है पेंच
बीते साल 24 मार्च को चिलुआताल थाना के बेला गांव निवासी कपिल भारती को खेल के दौरान कुछ लड़कों ने गोली मार दी थी। गोली कपिल की रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। घायल कपिल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार होने पर ऑर्थो के डाक्टर ने रेडियोलॉजी विभाग द्वारा किए गए एक्स-रे को वैधानिक न मानते हुए ऑपरेशन करने से मना कर दिया। पीड़ित ने इस बाबत आरोपियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया था लेकिन जब मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई तो एक्स-रे व ऑपरेशन न हो पाने से पीड़ित न्यायालय के समक्ष गोली लगने की घटना को साबित नहीं कर सका, जिसका लाभ आरोपियों को मिल गया।
रेडियोलॉजी विभाग में सात डॉक्टर संविदा पर हैं। नियमित डॉक्टर के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही समस्या सुलझ जाएगी। व्यापारी के एक्स-रे व मेडिकोलीगल रिपोर्ट के लिए जिला अस्पताल को पत्र भेज दिया गया है।
- राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
व्यापार मंडल अध्यक्ष घायल व्यापारी से मिलने पहुंचे
घटना की जानकारी होने पर शुक्रवार दोपहर व्यापार मंडल अध्यक्ष सीताराम जायसवाल मेडिकल पहुंच अशोक का हालचाल लिया। इसके बाद प्राचार्य से मिलकर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया।
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में नियमित डॉक्टर नहीं हैं। गोली लगने से घायल मरीजों का ऑपरेशन करने से पहले एक्सरे और अन्य जांचें होती हैं। एक्सरे करने वाले डॉक्टर ही मेडिकल रिपोर्ट लगाते हैं, उसके बाद ही ऑपरेशन किया जाता है। संविदा पर रखे गए डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट मान्य नहीं होती। इसके चलते ही घायलों को जिला अस्पताल भेजकर एक्सरे कराना पड़ता है। अशोक चौरसिया को शुक्रवार रात उनकी दुकान में लूट के इरादे से घुसे बदमाशों ने नाकाम होने पर गोली मार दी थी।
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इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मगर यहां आने के बाद डॉक्टर की कमी उनके लिए मुसीबत बन गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कागजी कार्रवाई में ही शनिवार का पूरा दिन बीत गया। ऐसा ही एक मामला मार्च 2016 में भी आया था। जिसमें चिलुआताल के देवेंद्र भारती का इलाज मेडिकल कॉलेज में कर दिया गया लेकिन गोली नहीं निकाली गई। बाद में जिला अस्पताल में आपॅरेशन कर उनके शरीर से गोली निकाली गई।
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पहले भी फंस चुका है पेंच
बीते साल 24 मार्च को चिलुआताल थाना के बेला गांव निवासी कपिल भारती को खेल के दौरान कुछ लड़कों ने गोली मार दी थी। गोली कपिल की रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। घायल कपिल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार होने पर ऑर्थो के डाक्टर ने रेडियोलॉजी विभाग द्वारा किए गए एक्स-रे को वैधानिक न मानते हुए ऑपरेशन करने से मना कर दिया। पीड़ित ने इस बाबत आरोपियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया था लेकिन जब मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई तो एक्स-रे व ऑपरेशन न हो पाने से पीड़ित न्यायालय के समक्ष गोली लगने की घटना को साबित नहीं कर सका, जिसका लाभ आरोपियों को मिल गया।
रेडियोलॉजी विभाग में सात डॉक्टर संविदा पर हैं। नियमित डॉक्टर के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही समस्या सुलझ जाएगी। व्यापारी के एक्स-रे व मेडिकोलीगल रिपोर्ट के लिए जिला अस्पताल को पत्र भेज दिया गया है।
- राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
व्यापार मंडल अध्यक्ष घायल व्यापारी से मिलने पहुंचे
घटना की जानकारी होने पर शुक्रवार दोपहर व्यापार मंडल अध्यक्ष सीताराम जायसवाल मेडिकल पहुंच अशोक का हालचाल लिया। इसके बाद प्राचार्य से मिलकर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया।