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महिला अस्पताल में दवा खरीद में भ्रष्टाचार की बू
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:17 AM IST
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जिला महिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
जिला महिला अस्पताल में दवा एवं ऑक्सीजन की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। अस्पताल के एसआईसी ने संबंधित फार्मासिस्ट से रिकार्ड मांगे तो वह इन्हें पेश नहीं कर पाए। एसआईसी ने आरोप लगाया कि तबसे उक्त फार्मासिस्ट जनप्रतिनिधियों से फोन कराकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश में है और रिकार्ड पेश करने में आनाकानी कर रहा है।
बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत के बाद सरकारी अस्पतालों को शासन ने पत्रा भेजा। इसमें अस्पताल की कमियों, रिकार्ड और फाइलों को अतिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया। शासन की मंशा के अनुरूप एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने दवा स्टोर रूम पहुंचे। वहां से दवा वितरित होती देखकर चौंके। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी में दवा वितरण कक्ष बना होने के बाद भी स्टोर रूम से वितरण पर नाराजगी जताई। स्टोर की जिम्मेदारी संभालने वाले फार्मासिस्ट गणेश शर्मा को ओपीडी के दवा वितरण कक्ष से दवाएं बांटने की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही इंडोर मरीजों के लिए अलग व्यवस्था करने का निर्देश दिया। आरोप है कि इसके बाद भी गणेश शर्मा ने व्यवस्था में बदलाव नहीं किया। इसे लेकर एसआईसी और फार्मासिस्ट में ठन गई है।
12 वर्षों से स्टोर ही दवा वितरण कक्ष
महिला अस्पताल में स्टोर रूम से लगभग 12 वर्षों से दवा का वितरण चल रहा है। एक ही व्यक्ति दवा की खरीद, वितरण और रखरखाव का काम संभाल रहे हैं। ओपीडी में मरीजों के लिए दवा वितरण कक्ष बना हुआ है। इसको काफी दिनों से स्टीकर से ढंक कर रखा गया है, ताकि इस पर किसी का ध्यान न जाए।
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ऑक्सीजन की खरीद का हिसाब भी नहीं
एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने बताया कि फार्मासिस्ट ऑक्सीजन की खरीद को लेकर इंडेंट नहीं दिखा सके। उन्हें जल्द इसे पेश करने के लिए कहा गया है। वह आनाकानी कर रहे हैं। इससे ऑक्सीजन खरीद के नाम पर जिला महिला अस्पताल में गोलमाल के संकेत मिल रहे हैं।
गणेश शर्मा के रवैये से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में परेशानी हो रही है। शासन की मंशा के अनुरूप अस्पताल में पारदर्शी व्यवस्था एवं मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था करना ही उद्देश्य है। इसके बीच में जो भी अड़ंगा लगाएगा उसके खिलाफ एफआईआर कराया जाएगा।
- डॉ. डीके सोनकर, एसआईसी
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बीते दिनों मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत के बाद सरकारी अस्पतालों को शासन ने पत्रा भेजा। इसमें अस्पताल की कमियों, रिकार्ड और फाइलों को अतिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया। शासन की मंशा के अनुरूप एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने दवा स्टोर रूम पहुंचे। वहां से दवा वितरित होती देखकर चौंके। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी में दवा वितरण कक्ष बना होने के बाद भी स्टोर रूम से वितरण पर नाराजगी जताई। स्टोर की जिम्मेदारी संभालने वाले फार्मासिस्ट गणेश शर्मा को ओपीडी के दवा वितरण कक्ष से दवाएं बांटने की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही इंडोर मरीजों के लिए अलग व्यवस्था करने का निर्देश दिया। आरोप है कि इसके बाद भी गणेश शर्मा ने व्यवस्था में बदलाव नहीं किया। इसे लेकर एसआईसी और फार्मासिस्ट में ठन गई है।
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12 वर्षों से स्टोर ही दवा वितरण कक्ष
महिला अस्पताल में स्टोर रूम से लगभग 12 वर्षों से दवा का वितरण चल रहा है। एक ही व्यक्ति दवा की खरीद, वितरण और रखरखाव का काम संभाल रहे हैं। ओपीडी में मरीजों के लिए दवा वितरण कक्ष बना हुआ है। इसको काफी दिनों से स्टीकर से ढंक कर रखा गया है, ताकि इस पर किसी का ध्यान न जाए।
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ऑक्सीजन की खरीद का हिसाब भी नहीं
एसआईसी डॉ. डीके सोनकर ने बताया कि फार्मासिस्ट ऑक्सीजन की खरीद को लेकर इंडेंट नहीं दिखा सके। उन्हें जल्द इसे पेश करने के लिए कहा गया है। वह आनाकानी कर रहे हैं। इससे ऑक्सीजन खरीद के नाम पर जिला महिला अस्पताल में गोलमाल के संकेत मिल रहे हैं।
गणेश शर्मा के रवैये से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने में परेशानी हो रही है। शासन की मंशा के अनुरूप अस्पताल में पारदर्शी व्यवस्था एवं मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था करना ही उद्देश्य है। इसके बीच में जो भी अड़ंगा लगाएगा उसके खिलाफ एफआईआर कराया जाएगा।
- डॉ. डीके सोनकर, एसआईसी