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सही समय पर गर्भ की जांच कराने से बच सकती है बच्चे की जान

Mon, 05 Aug 2019 02:45 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2019 02:45 AM IST
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doctors seminar in gorakhpur
सुरक्षित मातृत्व पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के अंतर्गत सर्किट हाउस के पास वाकाथाना का आयोजन कि?
सही समय पर गर्भ की जांच से बच सकती है बच्चे की जान
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सुरक्षित मातृत्व विषय पर आधारित तीन दिवसीय सेमिनार का हुआ समापन
डॉक्टरों ने रामगढ़ताल किनारे वाकाथन का किया आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। समय-समय पर जांच और सही वक्त इलाज से समय पूर्व प्रसव के मामलों को रोका जा सकता है। इतना ही नहीं गर्भ में पल रहे उलटे बच्चे को पैदा करवाने में थोड़ी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। यह जानकारी फि टल मेडिसिन पर हुई कार्यशाला में डॉक्टर कृष्णा कुमारी, डॉक्टर अनिता दास और डॉ संजय दास ने दी।
फेडरेशन ऑफ आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (फाग्सी) की तरफ से होटल रेडिशन ब्लू में आयोजित सेमिनार के समापन पर देश-विदेश के जाने-माने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने नई जानकारियां दीं। प्रसूता को समय से इलाज, मां और बच्चे की जान बचाने के आधुनिक तरीके बताए गए। हैदराबाद की प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ शांता कुमारी ने गर्भावस्था में गंभीर रूप से बीमार महिलाओं की पहचान करने की तकनीक पर चर्चा की। डॉ ज्योत्सना सूरी ने गर्भावस्था में फ्लूइड देने की जरूरत और उसे देने की विधि के बारे में बताया और कहा कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी के मामले ज्यादा आते हैं। उन्होंने ऐसी महिलाओं में खून कब, कितना और किस तरह से चढ़ाया जाए, के बारे में जानकारी दी।
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डॉ अरुण कुमार ने कहा कि गर्भावस्था में करीब 10 से 15 फ ीसदी महिलाएं गंभीर जटिलताओं का शिकार हो सकती हैं। इनमें अत्यधिक रक्तचाप, पीलिया, झटके आना, खून की कमी, बेहोशी, बुखार आदि में मरीज को क्रिटिकल केयर की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में चिकित्सकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
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इन्होंने भी दी अपनी राय
कांफ्रेंस के राष्ट्रीय संयोजक अहमदाबाद के डॉक्टर अल्पेश गांधी, दिल्ली की डॉक्टर प्रतिमा मित्तल, गोरखपुर की डॉक्टर साधना गुप्ता और स्थानीय संयोजक डॉ सुरहीता करीम, डॉ बबीता शुक्ला, डॉ मधु गुलाटी, डॉ मंदाकिनी प्रधान, डॉ रीना श्रीवास्तव एवं डॉ अमृता जयपुरियार ने प्रसव पीड़ा के समय मरीज के अस्पताल में आने की परिस्थिति, भर्ती करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां, मरीज के बारे में जानकारी और लेबर रूम की तैयारियों से लेकर प्रसव के बाद मरीज के खानपान, दवाएं, जरूरी जांच और आकस्मिक परिस्थितयों की पहचान कर उनसे निपटने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
- गंभीर मरीजों का करें बेड अल्ट्रांसाउंड
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर संतोष कुमार ने गंभीर रूप से बीमार महिलाओं में दी जाने वाली दवाइयों, इन्फ्यूजन पंप में दी जाने वाली दवाइयों की विधि के बारे में जानकारी दी। कहा कि गंभीर रूप से बीमार महिलाओं को बाहर भेजकर अल्ट्रासाउंड कराना संभव नहीं होता। ऐसे मरीजों का बेड साइज अल्ट्रासाउंड होना चाहिए। डॉ आभा सिंह ने गंभीर मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर भेजते समय बरती जाने वाली सावधानियां बताईं।

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वाकाथन से दिया सुरक्षित मातृत्व का संदेश
ऑब्स एवं गाइनो सोसाइटी की तरफ से विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिलाओं ने सुरक्षित मातृत्व के लगाए नारे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आम जनमानस को सुरक्षित मातृत्व विषय पर जागरूक करने के लिए ऑब्स एवं गाइनो सोसाइटी गोरखपुर की तरफ से शनिवार को रामगढ़ताल के किनारे सर्किट हाउस से नौकायन केंद्र तक वाकाथान का आयोजन किया गया। महिलाओं, चिकित्सकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। इसमें शामिल लोग ‘सुरक्षित मातृत्व’ संबंधी स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थेे। इस दौरान सुबह टहलने वाले लोग भी बड़ी संख्या मे वहां मौजूद रहे। मुख्य अतिथि एसपी (क्राइम) अशोक वर्मा, लंदन के चिकित्सक डा अरुल कुमारन एवं फ ाग्सी की अध्यक्ष डॉ नंदिता पालशेतकर ने ‘सुरक्षित मातृत्व’ लिखे गुब्बारे आकाश में छोड़े। डॉ अनिता खरे की टीम ने ‘सुरक्षित मातृत्व व नारी शक्ति’ विषय पर नाटक का मंचन किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति या चिकित्सक भर की नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी समूचे समाज की है। कहा कि स्त्री, चाहे युवती हो या गर्भवती समाज में विभिन्न प्रकार से प्रताड़ना का शिकार होती रहती है। उसे इन प्रताड़नाओं से बचाने के लिये समाज के सभी तबके के लोगों को सक्रिय रहना चाहिए। इस दौरान डॉ साधना गुप्ता, अर्चना वर्मा, शीला माने, डॉ सुरहीता करीम, डॉ बबिता शुक्ला, डॉ रीना श्रीवास्तव, डाक्टर नरेंद मल्होत्रा, डॉ पीके शाह, डॉ राधा जीना, डॉ मधुबाला, डॉ अमृता जयपुरियार, डॉ मीनाक्षी गुप्ता, डॉ अरुणा, किरण श्रीवास्तव, किरण कुशवाहा, आदि लोग मौजूद थे।
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