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प्रसूता की हालत बिगड़ी तो भेज दिया निजी अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 27 Feb 2017 01:08 AM IST
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जिला महिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला महिला अस्पताल में रविवार को एक प्रसूता के इलाज को लेकर अफरातफरी मची रही। घरवाले महिला अस्पताल और निजी अस्पताल के चक्कर लगाते रहे। आरोप है कि संविदा डॉक्टर ने महिला की हालत गंभीर बताकर निजी अस्पताल भिजवा दिया, जहां इलाज के नाम पर 10 हजार रुपये ले लिए गए। वहां से घर वाले प्रसूता को फिर महिला अस्पताल ले आए।
खजनी डागीपार निवासी अभिषेक पांडेय की पत्नी निधि पांडेय शनिवार को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। सुबह करीब 10 बजे घर वाले उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और इसके बाद करीब 12 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया, मगर थोड़ी देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि इलाज कर रहीं संविदा डॉक्टर ने बिना डिस्चार्ज कराए ही घरवालों को निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दे दी। यही नहीं खुद ही एंबुलेंस की व्यवस्था कर पास के निजी हॉस्पिटल में उसे एडमिट भी करा दिया, जहां इलाज व दवा के नाम पर प्रसूता के घरवालों से 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद रविवार को घरवाले उसे वापस जिला महिला अस्पताल ले आए। आनाकानी और कहासुनी के बाद महिला को फिर भर्ती कर लिया गया।
अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। जांच में अगर आरोप की पुष्टी हुई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी
मरीज का मैं ही इलाज कर रही थी। प्रसूता का आपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद हालत खराब होने पर एनिस्थिीसिया के डॉक्टर ने मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेरे उपर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
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-डॉ. बर्मन
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खजनी डागीपार निवासी अभिषेक पांडेय की पत्नी निधि पांडेय शनिवार को तेज प्रसव पीड़ा हो रही थी। सुबह करीब 10 बजे घर वाले उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और इसके बाद करीब 12 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया, मगर थोड़ी देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि इलाज कर रहीं संविदा डॉक्टर ने बिना डिस्चार्ज कराए ही घरवालों को निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दे दी। यही नहीं खुद ही एंबुलेंस की व्यवस्था कर पास के निजी हॉस्पिटल में उसे एडमिट भी करा दिया, जहां इलाज व दवा के नाम पर प्रसूता के घरवालों से 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद रविवार को घरवाले उसे वापस जिला महिला अस्पताल ले आए। आनाकानी और कहासुनी के बाद महिला को फिर भर्ती कर लिया गया।
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अगर ऐसा हुआ है तो गलत है। लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। जांच में अगर आरोप की पुष्टी हुई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके गुप्ता, एसआईसी
मरीज का मैं ही इलाज कर रही थी। प्रसूता का आपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद हालत खराब होने पर एनिस्थिीसिया के डॉक्टर ने मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेरे उपर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
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-डॉ. बर्मन