ठप सर्जरी, पत्राचार में अफसर व्यस्त

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 24 Oct 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल
जिला अस्पताल

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
तीन महीने से ठप जिला अस्पताल में सर्जरी को शुरू कराने की जगह आला अफसर खुद को सही साबित करने में जुटे हैं। एक एनेस्थीसिया डॉक्टर की तैनाती न होने की वजह से अस्पताल में जैसे-तैसे ही सर्जरी हो रही है। इसी बीच स्वास्थ्य राज्य मंत्री के सामने सवाल उठने से खफा एडी हेल्थ ने खुद की सफाई दी। तैनाती के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र भेजा गया है। सीएमओ और एसआईसी दुष्प्रचार कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में तीन महीने से सर्जरी ठप होने के कगार पर है। एकलौते एनेस्थीसिया डॉ. एचआर यादव है, जिनके पास एसआईसी का कार्यभार भी है। अब खुद के प्रशासनिक काम से खाली होने के बाद ही वह सर्जरी कराने जाते हैं। अस्पताल में छह दिन के बजाए सर्जरी दो से तीन दिन सिमटकर रह गई है। इन सब के बीच बीते दिनों मंत्री के सामने भी यह मुद्दा उठा। जिस पर एसआईसी और सीएमओ ने बीते दिनों भेजे गए पत्र के हवाले से पूरी जानकारी दी।

एसआईसी डॉ. एचआर यादव ने यहां तक बोला था कि प्रमुख सचिव के आने पर एनेस्थीसिया डॉक्टर न होने की जानकारी दी गई थी। जिस पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज में ईएमओ के पद पर तैनात एक डॉक्टर को जिला अस्पताल भेजने का भी आदेश दिया था और उसी जगह जिला अस्पताल से एक डॉक्टर को ईएमओ बनाना था। जिला अस्पताल की ओर से ईएमओ बनाने के लिए एक डॉक्टर का नाम भी भेजा गया मगर आधा अधूरा ही आदेश हुआ। मेडिकल से एक डॉक्टर के तैनाती का तो आदेश हो गया मगर वहां पर उनकी जगह पर जिस डॉक्टर को तैनात करना था उसका आदेश ही नहीं हुआ, जिस वजह से प्राचार्य उन्हें रिलीव नहीं कर रहे हैं।

यह लिखा है पत्र में 

एडी हेल्थ डॉ. आरके तिवारी ने प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में लिखा है कि जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर की उपलब्धता के लिए आदेश किए गए हैं। 28 सितंबर को ही सीएमओ के अधीन तैनात डॉ. उपेंद्र चौधरी को बतौर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ जिला अस्पताल से संबद्ध करने का आदेश दिया गया। फिर मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. चंद्रदेव 13 अक्तूबर को जिला अस्पताल से संबद्ध करने का आदेश जारी किया गया। इसके बावजूद दोनों अधिकारी भ्रामक सूचना दे रहे हैं। उन्होंने पत्र के साथ आदेशों की छायाप्रति भी भेजी है।
जिला अस्पताल के एसआईसी खुद एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं। वह अपना काम नहीं करना चाहते, इस लिए गलत प्रचार कर रहे हैं। सही जानकारी शासन तक पहुंच सके इसके लिए पत्र लिखा हूं
डॉ. आरके तिवारी, एडी हेल्थ

मैंने कोई गलत सूचना नहीं दी। मैंने मरीज हित में मंत्री को सही जानकारी दी है। दो महीने पहले प्रमुख सचिव ने आदेश दिया था मगर उनके भी आदेश को नजरअंदाज कर दिया गया। जिस वजह से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधूरा आदेश होने की वजह से आज तक डॉक्टर नहीं आ सके। जबकि डॉ. चंद्रदेव की जगह पर दूसरे ईएमओ के तैनाती के लिए नाम प्रमुख सचिव के आदेश के बाद ही भेज दिया गया था।
डॉ. एचआर यादव, एसआईसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us