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मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से मासूम की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 05 Jun 2017 08:20 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में सोमवार को इंसेफेलाइटिस के चलते फिर एक मासूम की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल जनवरी से अब तक पूर्वांचल के नौनिहालों के लिए काल मानी जाने वाली इस बीमारी से हुई मौतों की संख्या बढ़कर 58 हो गई। सोमवार को एक मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुआ। अब इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या 11 रह गई है। अभी दो दिन पहले भी इस बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज में दो बच्चों की मौत हुई थी।
पिछले वर्षों में जुलाई से लेकर नवंबर तक कहर बरपाती रही है। इस बार एक माह पहले ही बीमारी ने मासूमों की जिंदगी लीलनी शुरू कर दी है। तीन जून को इंसेफेलाइटिस से बस्ती और संतकबीरनगर के दो बच्चों की मौत के बाद पांच जून को महराजगंज के पनियरा निवासी साढ़े छह वर्षीय राज की मौत हो गई। राज की मौत के बाद पिता हनुमान का रोना देखकर अन्य तीमारदारों की आंखों में भी आंसू आ गए। लोग हनुमान को ढांढस बंधाने लगे। वहीं, एक बच्चे के स्वस्थ होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती आठ महीने के आर्यन को उसके पिता विनय घर ले गए। दो दिन के भीतर कोई नया मरीज भर्ती नहीं हुआ। एक मौत और एक के डिस्चार्ज होने के बाद अब वार्ड में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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पिछले वर्षों में जुलाई से लेकर नवंबर तक कहर बरपाती रही है। इस बार एक माह पहले ही बीमारी ने मासूमों की जिंदगी लीलनी शुरू कर दी है। तीन जून को इंसेफेलाइटिस से बस्ती और संतकबीरनगर के दो बच्चों की मौत के बाद पांच जून को महराजगंज के पनियरा निवासी साढ़े छह वर्षीय राज की मौत हो गई। राज की मौत के बाद पिता हनुमान का रोना देखकर अन्य तीमारदारों की आंखों में भी आंसू आ गए। लोग हनुमान को ढांढस बंधाने लगे। वहीं, एक बच्चे के स्वस्थ होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती आठ महीने के आर्यन को उसके पिता विनय घर ले गए। दो दिन के भीतर कोई नया मरीज भर्ती नहीं हुआ। एक मौत और एक के डिस्चार्ज होने के बाद अब वार्ड में 11 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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