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एमसीआई से पहले मेडिकल कॉलेज पहुंचे डीजीएमई
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2016 01:06 AM IST
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100 सीट के मानक की पड़ताल कराने की तैयारी में जुटे मेडिकल कॉलेज को सोमवार को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) की जवाबदेही का सामना करना पड़ गया। सुबह साढ़े नौ बजे औचक निरीक्षण को पहुंचे डीजी डॉ. वीएन त्रिपाठी ने कॉलेज परिसर और अस्पताल का मुआयना किया।
डीजी डॉ. त्रिपाठी सबसे पहले रेडियोथिरैपी विभाग पहुंचे, जहां कोबाल्ट यूनिट की तैयारी का हाल देख उनकी त्योरियां चढ़ गईं। बहुत पहले धन उपलब्ध करा दिये जाने के बाद भी यूनिट शुरू न होने की वजह पूछी तो विभागाध्यक्ष डॉ. एमक्यू बेग ने उन्हें बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से ही देरी हो रही है। यह सुनने के बाद डीजी ने कार्यदायी संस्था के प्रभारी से फोन से बात की तो उन्होंने बताया कि रेडिएशन को लेकर भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से एनओसी मांगी गई है। इस पर डीजी ने यूनिट को शुरू करने की एक महीने की मियाद तय कर दी। कुछ यही प्रतिक्रिया एमआरआई यूनिट को लेकर रही, जो पिछले चार महीने से तैयार तो है लेकिन शुरू नहीं हो सकी है।
तकनीकी विशेषज्ञ न होने की वजह से यूनिट के संचालन में फंसे पेंच को दूर करते हुए उन्होंने पदसृजन की मौखिक स्वीकृति दे दी और इसके शुरुआत की एक पखवारे की मियाद तय कर दी। डीजी ने इंसेफेलाइटिस व पीडियाट्रिक वार्ड का भी दौरा किया और पर मौजूद गंदगी पर नाराजगी जताई। प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र, एसआईसी डॉ. एमक्यू बेग, प्रो. सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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एनआईवी से करायेंगे स्वाइन फ्लू की जांच
डीजी मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) गये और वहां जांच का इंतजाम देखा। इंतजाम से प्रभावित होकर उन्होंने एनआईवी के सहायक वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय से स्वाइन फ्लू की जांच किये जाने की गुजारिश की, जिसपर डॉ. पांडेय ने तत्काल सहमति जता दी। कॉलेज प्रशासन पिछले दो साल से स्वाइन फ्लू की जांच के लिए पीजीआई का सहारा ले रहा है।
ट्रामा के संविदा कर्मियों को मिलेगा वेतन
करीब 16 महीने से वेतन की मांग कर रहे ट्रॉमा सेंटर के संविदा कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। डीजीएमई डॉ. वीएन त्रिपाठी ने सभी कर्मचारियों को नव सृजित पद के सापेक्ष संविदा पर नियुक्त करते हुए वेतन भुगतान करने का आदेश दिया। हांलाकि ट्रॉमा सेंटर में संविदा पर तैनात डॉक्टरों की संविदा खत्म करने का भी डीजी ने निर्देश दिया।
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डीजी डॉ. त्रिपाठी सबसे पहले रेडियोथिरैपी विभाग पहुंचे, जहां कोबाल्ट यूनिट की तैयारी का हाल देख उनकी त्योरियां चढ़ गईं। बहुत पहले धन उपलब्ध करा दिये जाने के बाद भी यूनिट शुरू न होने की वजह पूछी तो विभागाध्यक्ष डॉ. एमक्यू बेग ने उन्हें बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से ही देरी हो रही है। यह सुनने के बाद डीजी ने कार्यदायी संस्था के प्रभारी से फोन से बात की तो उन्होंने बताया कि रेडिएशन को लेकर भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर से एनओसी मांगी गई है। इस पर डीजी ने यूनिट को शुरू करने की एक महीने की मियाद तय कर दी। कुछ यही प्रतिक्रिया एमआरआई यूनिट को लेकर रही, जो पिछले चार महीने से तैयार तो है लेकिन शुरू नहीं हो सकी है।
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तकनीकी विशेषज्ञ न होने की वजह से यूनिट के संचालन में फंसे पेंच को दूर करते हुए उन्होंने पदसृजन की मौखिक स्वीकृति दे दी और इसके शुरुआत की एक पखवारे की मियाद तय कर दी। डीजी ने इंसेफेलाइटिस व पीडियाट्रिक वार्ड का भी दौरा किया और पर मौजूद गंदगी पर नाराजगी जताई। प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र, एसआईसी डॉ. एमक्यू बेग, प्रो. सतीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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एनआईवी से करायेंगे स्वाइन फ्लू की जांच
डीजी मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) गये और वहां जांच का इंतजाम देखा। इंतजाम से प्रभावित होकर उन्होंने एनआईवी के सहायक वैज्ञानिक डॉ. अशोक पांडेय से स्वाइन फ्लू की जांच किये जाने की गुजारिश की, जिसपर डॉ. पांडेय ने तत्काल सहमति जता दी। कॉलेज प्रशासन पिछले दो साल से स्वाइन फ्लू की जांच के लिए पीजीआई का सहारा ले रहा है।
ट्रामा के संविदा कर्मियों को मिलेगा वेतन
करीब 16 महीने से वेतन की मांग कर रहे ट्रॉमा सेंटर के संविदा कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। डीजीएमई डॉ. वीएन त्रिपाठी ने सभी कर्मचारियों को नव सृजित पद के सापेक्ष संविदा पर नियुक्त करते हुए वेतन भुगतान करने का आदेश दिया। हांलाकि ट्रॉमा सेंटर में संविदा पर तैनात डॉक्टरों की संविदा खत्म करने का भी डीजी ने निर्देश दिया।