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आजमगढ़ में बैंक कैशियर सहित 5 गिरफ्तार, चेक क्लोनिंग कर निकाले थे 12 करोड़

Wed, 25 Dec 2019 01:48 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महाराजगंज Published by: विजय जैन Updated Wed, 25 Dec 2019 01:48 PM IST
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cyber cell and maharajganj police arrested five people include bank cashier at azamgarh
- फोटो : demo
महराजगंज थाने की पुलिस ने 13 दिसंबर को गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की निशानदेही पर सोमवार की शाम साइबर सेल की मदद से एसबीआई के कैशियर और चार अन्य को देवनपुर पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से दो लैपटाप और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
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इन सभी ने कबूल किया कि दिल्ली एम्स के बैंक खाता से चेक क्लोनिंग करके 12 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। जबकि जिला भूमि पदाधिकारी बैंक के खातों के अलावा कई मंत्री और विधायकों के खातों को भी साफ कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, ये बदमाश स्विस बैंक के खातों तक भी पहुंचने की साजिश रच रहे थे।
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एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शशिरंजन मौर्य गोरखपुर शहर के  शिवपुरी का रहने वाला है। वह स्टेट बैंक की शाखा मझगांवा का कैशियर है। संजय गोरखपुर जिले के गगहा थाने के लखैड़ी सहेरुआ गांव का निवासी है। वह बैंक कर्मचारी है।
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योगेंद्र कुमार गोरखपुर जिले के गगहा थाने के लखैड़ी सहेरुआ का निवासी है। वह ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है। हैकर कुलदीप सिंह उर्फ अंश देवरिया जिले के भलुवनी थाने के भैया फूलवरिया गांव का निवासी है। जबकि हैकर लक्ष्मण यादव मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाने के अनुवापार गांव का निवासी है।

ये लोग केन्या निवासी हैकर डेविड की भी मदद लेते थे। इसके बदले में उसका भी हिस्सा देते थे। आईसीआईसीआई बैंक के एक कर्मचारी अश्वनी के अलावा अन्य कर्मचारियों की भी संलिप्तता की जानकारी मिली है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

मामला संज्ञान में आया है। आजमगढ़ एसटीएफ की टीम बैंक के कर्मचारी को लेकर गई है। अभी गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है। एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई होगी।
पीसी बरोड़, डीजीएम, भारतीय स्टेट बैंक

अपराध करने का तरीका

एसपी के मुताबिक ये आरोपी क्रेडिट, डेविट कार्ड का ट्रैक 1 और ट्रैक 2 डाटा प्राप्त कर उसकी डंपिंग एवं क्लोनिंग करते हैं। विभिन्न वेबसाइट्स के माध्यम से डिलींग एजेंट का कम्यूनिकेशन नंबर प्राप्त करते हैं। मैसेजिंग एप आईसीक्यू टेलीग्राम से संपर्क करते हैं। उसके बाद क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पेमेंट कर इंटरनेशनल क्रेडिट या डेबिट कार्ड का मैगनेटिक स्ट्रिप का ट्रैक 1 और ट्रैक 2 डाटा पिन के साथ प्राप्त करते हैं। एमएसआर साफ्टवेयर एवं डिवाइस के माध्यम से ब्लैंक कार्ड पर मैगनेटिक स्ट्रिप के डाटा को राइट कर उस कार्ड का क्लोन तैयार कर खातों से रुपये निकाल लेते थे।

इस तरह से छिपाते थे पहचान
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए कंप्यूटर या लैपटाप में वीपीएम और मैक एडेंस चेंजर का इस्तेमाल करते थे। उसके बाद विभिन्न वेबसाइट्स के जरिए डिलींग एजेंस का कम्यूनिकेशन नंबर लेकर वाट्सएप टेलीग्राम से संपर्क करते हैं। क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पेमेंट इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड का डाटा प्राप्त कर ऑनलाइन शापिंग साइट्स पर जाकर एक फर्जी इमेल एकाउंट से रजिस्ट्रेशन करते हैं। शापिंग साइट्स से कोई भी सामान सलेक्ट कर इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड की डिटेल डालकर पेमेंट करते थे। फर्जी आईडी के जरिए सामान मंगाकर स्वयं ले लेते थे। इस तरह से इनकी पहचान नहीं हो पाती थी।

चेक क्लोनिंग कर किए हैं अपराध

एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से खाताधारकों का सिग्नेचर, बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य जानकारी लेकर चेक का क्लोन तैयार करते थे। चेक क्लोनिंग में मुशीर नकवी उर्फ अब्बास, देशबंधु पांडेय और आईसीआईसीआई बैंक के अश्वनी सहित अन्य की मदद लेते थे। एसपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली एम्स के बैंक खाता से चेक क्लोनिंग के जरिए 12 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। जबकि जिला भूमि पदाधिकारी बैंक खातों सहित कई बड़ी कंपनियों के अलावा मंत्री और विधायकों के खातों से भी रुपये उड़ा चुके हैं।

इन उपकरणों का करते थे इस्तेमाल
एसपी के मुताबिक आरोपी अपराध करने में कंप्यूटर, लैपटाप, काली लाइनक्स, विंडोज आपरेटिंग सिस्टम, वीपीएम, मैक एडेंस चेंजर, क्लीनर साफ्टवेयर (कुकीज, हिस्ट्री डिलीज) कोडलिंग साफ्टवेयर, हैकआफर डिवाइस, कम्यूनिकेशन, मेसेजिंग एवं पेमेंट के लिए क्रिप्टोकरेंसी, ब्लैंक कार्ड आदि का इस्तेमाल करते थे। इनका मोबाइल चेक करने पर कई विदेशी नंबर और ग्रुपों की जानकारी हुई है। रिकार्ड खंगाला जा रहा।

इस तरह से खुला राज
एसपी के मुताबिक महराजगंज थाने के देवारा तुर्क चारा गांव निवासी बलिराम यादव ने 12 दिसंबर को थाने में खाते से 85 हजार रुपये गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच कर रामजीत यादव, रामप्रवेश यादव, सुभाष यादव और रामप्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों से हुई पूछताछ के दौरान इस गिरोह के सदस्यों का पता चला। एसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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