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जमीन के विवाद में हुई थी महिला की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 31 Aug 2016 07:38 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में अाराोपी।
- फोटो : Mahesh Kumar
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सहजनवां इलाके में हुई महिला जियला देवी (55) की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ उसके पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस के मुताबिक महिला की हत्या जमीन के विवाद में हुई।
एसपी ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बोक्टा निवासी रामदेव के पांच बेटे तिलकधारी, पलकधारी, लालधर, लालमोहन और लालजीत यादव हैं। गांव के ही मनोज यादव ने भाइयों में से तिलकधारी को छोड़कर शेष सभी से जनवरी 2013 में दो लाख रुपये में जमीन एग्रीमेंट करा लिया था। इनमें लालधर को छोड़कर लाल मोहन, पलकधारी व लालजीत ने अप्रैल 2016 में बैनामा कर दिया, लेकिन तिलकधारी के लड़कों ने लालधर को अपने पक्ष में कर लिया। उक्त बैनामे पर दीवानी न्यायालय में आपत्ति दाखिल की गई।
उधर, दिग्विजय ने अपने चाचा लालजीत यादव को अपने पक्ष में करने के लिए न्यायालय में शपथ पत्र दिलवाया कि बैनामे के पूर्व ही जमीन का बटवारा हो गया था। जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वह दिग्विजय की है।
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इसी बीच 28 अगस्त को आरोपी मनोज यादव गांव के ही प्रहलाद यादव के खेत से मिट्टी निकाल कर दिग्विजय व लालजीत की जमीन के रास्ते ट्रैक्टर-ट्राली से जा रहा था। इसका दिग्विजय और लालजीत ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों की बीच कहासुनी हो गई और गोली लगने से महिला की मौत हो गई। अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ ब्रजेश सिंह यादव, उन निरीक्षक चंद्रकांत पांडेय, धर्मराज, रणविजय सिंह, राहुल दूबे शामिल थे।
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एसपी ग्रामीण ब्रजेश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि बोक्टा निवासी रामदेव के पांच बेटे तिलकधारी, पलकधारी, लालधर, लालमोहन और लालजीत यादव हैं। गांव के ही मनोज यादव ने भाइयों में से तिलकधारी को छोड़कर शेष सभी से जनवरी 2013 में दो लाख रुपये में जमीन एग्रीमेंट करा लिया था। इनमें लालधर को छोड़कर लाल मोहन, पलकधारी व लालजीत ने अप्रैल 2016 में बैनामा कर दिया, लेकिन तिलकधारी के लड़कों ने लालधर को अपने पक्ष में कर लिया। उक्त बैनामे पर दीवानी न्यायालय में आपत्ति दाखिल की गई।
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उधर, दिग्विजय ने अपने चाचा लालजीत यादव को अपने पक्ष में करने के लिए न्यायालय में शपथ पत्र दिलवाया कि बैनामे के पूर्व ही जमीन का बटवारा हो गया था। जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वह दिग्विजय की है।
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इसी बीच 28 अगस्त को आरोपी मनोज यादव गांव के ही प्रहलाद यादव के खेत से मिट्टी निकाल कर दिग्विजय व लालजीत की जमीन के रास्ते ट्रैक्टर-ट्राली से जा रहा था। इसका दिग्विजय और लालजीत ने विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों की बीच कहासुनी हो गई और गोली लगने से महिला की मौत हो गई। अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ ब्रजेश सिंह यादव, उन निरीक्षक चंद्रकांत पांडेय, धर्मराज, रणविजय सिंह, राहुल दूबे शामिल थे।