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रेलवे ट्रैक से फिश प्लेट खोलने की कोशिश, हादसा टला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:10 AM IST
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रेलवे ट्रैक की फिश प्लेट खोलने की हो रही थी कोशिश।
- फोटो : Amar Ujala
संतकबीरनगर में मुखलिसपुर रेलवे क्रासिंग के पास बम विस्फोट की घटना में अभी जांच चल ही रही है कि गोरखपुर-लखनऊ रेल खंड पर अधियारीबाग इलाके के पास मंगलवार की रात कुछ लोगों ने रेलवे ट्रैक से फिश प्लेट खोलने की कोशिश की। यह तो संयोग है कि उधर से गुजर रहे एक राहगीर की संजीदगी से बड़ा रेल हादसा टल गया। सूचना पाकर जब तक आरपीएफ पहुंची, युवक भाग निकले। इस घटना में आतंकी साजिश के संदेह से भी इन्कार नहीं किया जा रहा है। आरपीएफ और रेलवे के अफसर छानबीन में जुटे हैं।
प्रत्यक्षदर्शी सुमित के मुताबिक मंगलवार की रात करीब आठ बजे किसी अनजान शख्स को पटरी से छेड़छाड़ करते देखा गया। कुछ ही दूरी पर एक और युवक खड़ा था। युवक की संदिग्ध हरकत देख सुमित ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी। इसके बाद डॉग स्क्वाड के साथ पहुंची आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अफसर टूटे फिश प्लेट को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर रेलवे ट्रैक पर आवागमन रुकवा दिया। हालांकि रेलवे ट्रैक को दुरुस्त कर रात में ही ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन तिवारी ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर कुछ दूरी तक पटरी कमजोर थी, अतिरिक्त फिश प्लेट लगाया गया था। फिलहाल यह स्मैकियों द्वारा चोरी के उद्देश्य से फिश प्लेट खोलने का मामला जान पड़ रहा है। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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प्रत्यक्षदर्शी सुमित के मुताबिक मंगलवार की रात करीब आठ बजे किसी अनजान शख्स को पटरी से छेड़छाड़ करते देखा गया। कुछ ही दूरी पर एक और युवक खड़ा था। युवक की संदिग्ध हरकत देख सुमित ने इसकी सूचना आरपीएफ को दी। इसके बाद डॉग स्क्वाड के साथ पहुंची आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अफसर टूटे फिश प्लेट को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर रेलवे ट्रैक पर आवागमन रुकवा दिया। हालांकि रेलवे ट्रैक को दुरुस्त कर रात में ही ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया।
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आरपीएफ इंस्पेक्टर केएन तिवारी ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर कुछ दूरी तक पटरी कमजोर थी, अतिरिक्त फिश प्लेट लगाया गया था। फिलहाल यह स्मैकियों द्वारा चोरी के उद्देश्य से फिश प्लेट खोलने का मामला जान पड़ रहा है। अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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