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पकड़ा गया झरना टोला हत्याकांड का गुनहगार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 06 Jun 2016 09:03 PM IST
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झरना टोला मर्डर केस का पर्दाफाश करते एसएसपी साथ में एसपी सिटी। बीच में खड़ा आरोपी (गमछा लपेटे हुए)।
- फोटो : shivharsh
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शाहपुर के झरना टोला में सीआरपीएफ हवलदार की पत्नी और तीन बच्चों की हत्या टेंपो चालक ने की थी। उसका हवलदार की पत्नी से अवैध संबंध था और वह अक्सर घर आता-जाता था। घटना की रात रुपये के लेनदेन को लेकर भी टेंपो चालक का महिला से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने महिला और उनके दो बच्चों का हथौड़े से हमला करके कत्ल कर दिया। यही नहीं, छत पर सो रही बेटी के भोर में नीचे आने पर टेंपो चालक ने उसकी भी हत्या कर दी। उसके साथ उसने रेप भी किया। वारदात के बाद गेट पर ताला बंद करके वह फरार हो गया।
पुलिस लाइंस में सोमवार की दोपहर प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने मामले का पर्दाफाश किया। बताया कि झंगहा, राजी जगदीशपुर के रहने वाले जवाहर लाल कन्नौजिया सीआरपीएफ में हवलदार हैं। उनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में है। शाहपुर के झरना टोला थाड़ों लाइन में एक साल पहले उन्होंने मकान बनवाया है। वहां पत्नी राजिया देवी (35), बेटी पूनम (17), बेटा अनूप (15) छोटी बेटी रुबी (12) के साथ रहती थीं। 29 जुलाई 2015 की रात में सभी की हत्या कर दी गई थी।
मोबाइल बंद होने पर 31 जुलाई की सुबह खोजते हुए पहुंचे रिश्तेदारों ने जब ताला तोड़कर देखा तो घर के अंदर सभी की लाश पड़ी थी। सर्विलांस की मदद से चल रही छानबीन में पुलिस को वारदात में कुशीनगर, पड़रौना के सिरसिया निवासी अरुण दीक्षित उर्फ बब्बू के शामिल होने की जानकारी मिली। आठ महीने से सीओ कैंट अभय मिश्रा क्राइम ब्रांच की मदद से उसकी तलाश में जुटे थे। सोमवार की सुबह 7:45 बजे रेलवे रोडवेज के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया है।
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अरुण ने बताया कि दो साल से उसकी जान-पहचान हवलदार की पत्नी से थी। जब मकान नहीं बना था तब हवलदार का परिवार नीना थापा इंटर कॉलेज के पास नंदानगर में महेश मौर्या के मकान में किराये पर रहता था। उसी मकान में वह भी किरायदार था। तभी से संबंध बना। जब हवलदार का परिवार अपने मकान में शिफ्ट हुआ तो वहां उसका आना-जाना था। 29 जुलाई 2015 की रात में करीब नौ बजे वह सीआरपीएफ हवलदार के घर पहुंचा।
वह घर के आगे वाले कमरे में सोया था। हवलदार की पत्नी बड़ी बेटी पूनम के साथ छत पर सोई थीं। रात में करीब ढाई बजे रजिया उसके कमरे में आईं और अपना बकाया सात हजार रुपये मांगने लगीं। इसे लेकर हुई कहासुनी के दौरान उसने पैर से मारा भी था। इसी आवेश में आकर उसने सोते समय हथौड़े से सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। पकड़े जाने का डर सताने पर दूसरे कमरे में सो रहे अनूप और रुबी की भी उसने हत्या कर दी।
बकौल बब्बू, चार घंटे इंतजार करने के बाद छत से नीचे आई पूनम की आंगन में हत्या करने के बाद उसने उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद एटीएम कार्ड और रजिया के गहने लेकर दरवाजे पर ताला बंद कर फरार हो गया।
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पुलिस लाइंस में सोमवार की दोपहर प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने मामले का पर्दाफाश किया। बताया कि झंगहा, राजी जगदीशपुर के रहने वाले जवाहर लाल कन्नौजिया सीआरपीएफ में हवलदार हैं। उनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में है। शाहपुर के झरना टोला थाड़ों लाइन में एक साल पहले उन्होंने मकान बनवाया है। वहां पत्नी राजिया देवी (35), बेटी पूनम (17), बेटा अनूप (15) छोटी बेटी रुबी (12) के साथ रहती थीं। 29 जुलाई 2015 की रात में सभी की हत्या कर दी गई थी।
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मोबाइल बंद होने पर 31 जुलाई की सुबह खोजते हुए पहुंचे रिश्तेदारों ने जब ताला तोड़कर देखा तो घर के अंदर सभी की लाश पड़ी थी। सर्विलांस की मदद से चल रही छानबीन में पुलिस को वारदात में कुशीनगर, पड़रौना के सिरसिया निवासी अरुण दीक्षित उर्फ बब्बू के शामिल होने की जानकारी मिली। आठ महीने से सीओ कैंट अभय मिश्रा क्राइम ब्रांच की मदद से उसकी तलाश में जुटे थे। सोमवार की सुबह 7:45 बजे रेलवे रोडवेज के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया है।
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अरुण ने बताया कि दो साल से उसकी जान-पहचान हवलदार की पत्नी से थी। जब मकान नहीं बना था तब हवलदार का परिवार नीना थापा इंटर कॉलेज के पास नंदानगर में महेश मौर्या के मकान में किराये पर रहता था। उसी मकान में वह भी किरायदार था। तभी से संबंध बना। जब हवलदार का परिवार अपने मकान में शिफ्ट हुआ तो वहां उसका आना-जाना था। 29 जुलाई 2015 की रात में करीब नौ बजे वह सीआरपीएफ हवलदार के घर पहुंचा।
वह घर के आगे वाले कमरे में सोया था। हवलदार की पत्नी बड़ी बेटी पूनम के साथ छत पर सोई थीं। रात में करीब ढाई बजे रजिया उसके कमरे में आईं और अपना बकाया सात हजार रुपये मांगने लगीं। इसे लेकर हुई कहासुनी के दौरान उसने पैर से मारा भी था। इसी आवेश में आकर उसने सोते समय हथौड़े से सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। पकड़े जाने का डर सताने पर दूसरे कमरे में सो रहे अनूप और रुबी की भी उसने हत्या कर दी।
बकौल बब्बू, चार घंटे इंतजार करने के बाद छत से नीचे आई पूनम की आंगन में हत्या करने के बाद उसने उसके साथ रेप किया। वारदात के बाद एटीएम कार्ड और रजिया के गहने लेकर दरवाजे पर ताला बंद कर फरार हो गया।